रायपुर: आईआईएम रायपुर और छत्तीसगढ़ सरकार ने मिलकर ‘मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप (CMGGF)’ के तहत एक अनोखा दो वर्षीय एमबीए प्रोग्राम शुरू किया है, जो ‘पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस’ में विशेषज्ञता प्रदान करेगा। इस पाठ्यक्रम के लिए राज्य के 36 प्रतिभाशाली छात्रों का चयन किया जाएगा, जिनका पूरा खर्च सरकार वहन करेगी — जिसमें ट्यूशन फीस, आवास, भोजन और ₹50,000 प्रति माह का स्टाइपेंड शामिल है।
यह कार्यक्रम खास तौर पर छत्तीसगढ़ के युवाओं को नीति निर्माण और प्रशासनिक समझ में दक्ष बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है, जिससे वे शासन सुधारों में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
आवेदन की अंतिम तिथि: 11 मई 2025
विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखें: iimraipur.ac.in/mba-ppg
प्रशिक्षण के साथ अनुभव: ‘अर्जन के साथ अध्ययन’ का मॉडल
आईआईएम रायपुर के निदेशक प्रो. राम कुमार काकानी ने कहा,
“यह कार्यक्रम विश्लेषणात्मक सोच, नैतिक नेतृत्व और फील्ड अनुभव के ज़रिए छात्रों को समावेशी शासन की दिशा में तैयार करेगा। आज की जटिल प्रशासनिक चुनौतियों से निपटने के लिए यह आवश्यक है कि हमारे युवा गहन नीति प्रशिक्षण से लैस हों।”
इस कोर्स में कक्षा शिक्षण के साथ-साथ छत्तीसगढ़ सरकार के विभिन्न विभागों में फील्ड पोस्टिंग और लाइव प्रोजेक्ट्स का अनुभव भी शामिल रहेगा। छात्रों को नीति विश्लेषण, शासन ढांचे, सार्वजनिक सेवा वितरण, नेतृत्व, और निर्णय लेने जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक कौशल सिखाया जाएगा।
पात्रता मानदंड:
- आवेदक छत्तीसगढ़ के मूल निवासी हों।
- CAT 2022, 2023 या 2024 में शामिल हुए हों।
- स्नातक में सामान्य वर्ग के लिए कम से कम 60% अंक और आरक्षित वर्ग के लिए 55% या समकक्ष CGPA आवश्यक है।
सशक्त भविष्य की ओर
इस कोर्स के बाद छात्रों को सरकारी विभागों, पॉलिसी थिंक टैंक्स, सलाहकार संस्थानों, और सार्वजनिक उपक्रमों में करियर के अवसर मिलेंगे। साथ ही, वे राज्य विकास में योगदान देने वाले प्रभावशाली नीति-निर्माता बन सकेंगे।
सारांश: छत्तीसगढ़ में शासन सुधार की दिशा में यह कदम युवा प्रतिभाओं को दिशा देने के साथ-साथ राज्य के नीति परिदृश्य को नया आकार देगा। अगर आप नीतियों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना चाहते हैं, तो यह अवसर आपके लिए है।









