कटनी। कटनी से उमरिया, पन्ना सहित आसपास के जिलों में पान मसाला की थोक सप्लाई को लेकर चर्चा में आए आहूजा सिंडिकेट के कारोबार पर अब एक और सवाल खड़ा हो रहा है। इस बार मामला GST और बिलिंग तक सीमित नहीं, बल्कि सीधे उपभोक्ताओं की जेब से जुड़ा है।
स्थानीय फुटकर व्यापारियों से मिली जानकारी के अनुसार, राजश्री पान मसाला के एक पैकेट पर 33 रुपये MRP अंकित होने की बात सामने आई है। वहीं इसके साथ बेचे जाने वाले जर्दा पाउच पर 2.50 रुपये मूल्य बताया जा रहा है। इस हिसाब से दोनों उत्पादों की कुल कीमत 35.50 रुपये होती है, लेकिन बाजार में उपभोक्ताओं से कथित तौर पर 40 रुपये वसूले जा रहे हैं।
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ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर 35.50 रुपये के उत्पादों के बदले 40 रुपये किस आधार पर लिए जा रहे हैं? क्या दोनों उत्पादों को अनिवार्य रूप से एक साथ बेचा जा रहा है? यदि हां, तो क्या इसकी कीमत और बिक्री की व्यवस्था नियमानुसार है? इस कथित अंतर के कारण ग्राहक को प्रत्येक खरीद पर 4.50 रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ रहे हैं।
उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ, जिम्मेदार विभाग कब करेंगे जांच?
यदि बाजार में निर्धारित MRP से अधिक कीमत वसूली जा रही है, तो यह उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ा गंभीर सवाल है। विधिक माप विज्ञान विभाग को वास्तविक पैकेट, उस पर अंकित MRP, बिक्री मूल्य और दोनों उत्पादों की अलग-अलग बिक्री व्यवस्था की जांच करनी चाहिए।
थोक कारोबार और बिलिंग व्यवस्था भी जांच के दायरे में आए
आहूजा सिंडिकेट द्वारा कटनी से दूसरे जिलों तक बड़े स्तर पर सप्लाई किए जाने की चर्चाओं के बीच स्थानीय व्यापारियों की ओर से कच्चे बिल पर बिक्री के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। GST विभाग को खरीद-बिक्री के बिल, ई-वे बिल, स्टॉक और घोषित टर्नओवर का मिलान कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
खाद्य सुरक्षा विभाग को संबंधित प्रतिष्ठान के लाइसेंस और गोदाम की वैधता की जांच करनी चाहिए, वहीं विधिक माप विज्ञान विभाग को कथित अधिक कीमत वसूली के मामले की पड़ताल करनी चाहिए।
अब आहूजा सिंडिकेट से भी जवाब जरूरी
इस पूरे मामले में संबंधित प्रतिष्ठान का पक्ष सामने आना भी जरूरी है। क्या राजश्री पान मसाला और जर्दा की बिक्री 40 रुपये में की जा रही है? यदि हां, तो इस कीमत का आधार क्या है? क्या ग्राहक दोनों उत्पाद अलग-अलग खरीद सकता है? क्या बिक्री के दौरान उपभोक्ताओं को पक्का बिल दिया जा रहा है?
फिलहाल इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित प्रतिष्ठान का पक्ष भी सामने आना बाकी है। ऐसे में अब देखना होगा कि GST, खाद्य सुरक्षा और विधिक माप विज्ञान विभाग इस मामले में जांच कर उपभोक्ताओं को वास्तविक स्थिति से कब अवगत कराते
इस मामले कि जानकारी के लिए सम्बंधित राज श्री पान मसाला के होल सेल डीलर पंकज आहूजा से फ़ोन पर संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया









