रायपुर/जमशेदपुर: भारत के दो प्रमुख प्रबंधन संस्थान—IIM रायपुर और XLRI जमशेदपुर—ने मिलकर भारत का पहला प्रकृति-आधारित नेतृत्व विकास कार्यक्रम शुरू किया है। यह तीन दिवसीय रेजिडेंशियल प्रोग्राम 7 से 10 नवंबर, 2025 के बीच महाराष्ट्र के ताडोबा टाइगर रिज़र्व में आयोजित होगा।
इस कार्यक्रम का शीर्षक है "प्रकृति से रणनीति और नेतृत्व के सबक", जो प्राकृतिक परिवेश में नेतृत्व और रणनीति के पाठ सिखाने का उद्देश्य रखता है। आवेदन जमा करने और स्वीकार करने की अंतिम तिथि 10 जून 2025 निर्धारित की गई है।
क्या है इस लीडरशिप प्रोग्राम में खास:
- प्रकृति की गोद में क्लासरूम लर्निंग के साथ गाइडेड जंगल सफारी, रियल वर्कशॉप्स और इंटरएक्टिव लीडरशिप डिस्कशन।
- कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविद, रणनीति विशेषज्ञ और वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट्स।
- नेतृत्व के लिए ‘FINER फ्रेमवर्क’ और व्यवहारिक समझ के लिए ‘LEG मॉडल’ जैसे यूनिक दृष्टिकोण शामिल।
IIM रायपुर के निदेशक प्रो. राम कुमार काकानी ने इस पहल पर कहा:
“प्रकृति ना सिर्फ सुंदरता का स्रोत है, बल्कि रणनीति, अनुकूलन और नवाचार का सबसे बड़ा शिक्षक भी है। हमारा यह प्रयास नेताओं को पारंपरिक दायरे से बाहर सोचने के लिए प्रेरित करेगा और व्यवसाय को सतत विकास की दिशा में ले जाएगा।”
इस प्रोग्राम का मकसद वरिष्ठ प्रबंधकों और CXOs को पारिस्थितिकी की समझ के ज़रिए नेतृत्व की नई परिभाषा से जोड़ना है। बायोमिमिक्री, सर्कुलर इकोनॉमी और रिसोर्स मैनेजमेंट जैसे विषयों पर गहराई से चर्चा होगी।
यह एक अनूठा अवसर है जो आधुनिक नेतृत्व को प्रकृति के सदियों पुराने ज्ञान से जोड़ता है — एक ऐसा अनुभव जो सिर्फ जंगल में ही मुमकिन है।







