कर्नाटक में अब दूध खरीदने के लिए लोगों को पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे. राज्य सरकार ने दूध की कीमत में 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. इस फैसले का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा. खासकर उन परिवारों का मासिक बजट बढ़ सकता है, जिनके घर में रोजाना दूध की खपत ज्यादा होती है. हालांकि, सरकार के इस फैसले के पीछे डेयरी किसानों की आमदनी बढ़ाने और उनकी आर्थिक स्थिति को सहारा देने की बात कही गई है.
राज्य मंत्रिमंडल के फैसले के मुताबिक, बढ़ी हुई कीमत में से 7 रुपये प्रति लीटर सीधे दूध उत्पादक किसानों को दिए जाएंगे. वहीं, बचा हुआ 1 रुपया डेयरी सहकारी समितियों को मिलेगा. कैबिनेट की मंजूरी के बाद राज्य में नंदिनी दूध की कीमतों में बदलाव का रास्ता साफ हो गया है.
किसानों को मिलेगा बढ़ी हुई कीमत का बड़ा हिस्सा
कर्नाटक के मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने कैबिनेट बैठक के बाद इस फैसले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि दूध की कीमत में 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने पर सहमति बनी है. इसमें से 7 रुपये किसानों को और 1 रुपया मिल्क यूनियनों को दिया जाएगा.
दरअसल, डेयरी किसानों को राहत देने की मांग लंबे समय से उठ रही थी. विधान परिषद में अलग-अलग राजनीतिक दलों के सदस्यों ने भी किसानों की मदद के लिए कदम उठाने की मांग की थी. दूसरी ओर, डेयरी सहकारी समितियां भी दूध की खरीद और उत्पादन से जुड़ी बढ़ती लागत को देखते हुए कीमतों में संशोधन चाहती थीं.
46 रुपये से बढ़कर 54 रुपये हुई दूध की कीमत
कीमतों में इस बदलाव का असर नंदिनी के नीले पैकेट वाले बेसिक टोन्ड दूध पर भी पड़ेगा. अब तक 46 रुपये प्रति लीटर मिलने वाला यह दूध 54 रुपये प्रति लीटर का हो जाएगा.
इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने 6 अक्टूबर को ही मंजूरी दे दी थी. हालांकि, विधान परिषद चुनावों के चलते लागू आदर्श आचार संहिता के कारण इसकी घोषणा में देरी हुई.
डेयरी यूनियनों ने पशु आहार, चारे, दवाइयों, परिवहन और प्लास्टिक पैकेजिंग की लागत बढ़ने का हवाला दिया था. सूखे की वजह से चारे की कमी ने भी किसानों की मुश्किलें बढ़ाई हैं. इसी आधार पर यूनियनों ने प्रति लीटर दूध की कीमत में 8 से 10 रुपये तक बढ़ोतरी की मांग रखी थी.
करीब 10 लाख किसान परिवारों की आजीविका का सवाल
मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा के मुताबिक, कर्नाटक में लगभग 10 लाख किसान परिवार डेयरी कारोबार पर निर्भर हैं. इन परिवारों के लिए दूध की बिक्री से होने वाली कमाई घर का खर्च चलाने और चिकित्सा जैसी जरूरी जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाती है.
पहले भी बढ़ चुके हैं दूध के दाम
नंदिनी दूध की कीमतों में हाल के वर्षों में कई बार बदलाव किया गया है. मार्च 2025 में प्रति लीटर 4 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी. जून 2024 में कर्नाटक मिल्क फेडरेशन ने कीमत 2 रुपये बढ़ाई थी और इसके साथ प्रति लीटर 50 मिलीलीटर अतिरिक्त दूध देने की व्यवस्था की थी, जिसे बाद में हटा दिया गया. नवंबर 2023 में भी कीमत 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई गई थी. इससे पहले नवंबर 2022 में भी दाम बढ़े थे.
इस बार बढ़ोतरी का बड़ा हिस्सा किसानों को देने का फैसला किया गया है, लेकिन उपभोक्ताओं को रोजमर्रा की जरूरत के लिए अब अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी.







