Vivah Muhurat Dates 2026: शादी के पवित्र बंधन में बंधने के लिए सबसे पहले शुभ मुहूर्त देखा जाता है, गुण-दोष मिलाए जाते हैं, ऐसे में सबसे खास हो जाता है, शुभ मुहूर्त। अगर आप या आपके परिवार में कोई 2026 में शादी के पवित्र बंधन में बंधने की योजना बना रहा है, इस खबर को ध्यान से पढ़िये, क्योंकि साल 2026 में शादी-विवाह के लिए शुक्र ग्रह का उदय फरवरी में हो चुका है। इसी के साथ शादियों का सीजन शुरू भी एक बार फिर आ गया।
फरवरी में विवाह के खास संयोग
सनातन धर्म में विवाह के लिए शुक्र और गुरु ग्रह का उदय होना सबसे जरुरी माना जाता है। जबकि वर्तमान में शुक्र ग्रह के अस्त होने के कारण शादियां रुकी हुई थी। 1 फरवरी 2026 को शुक्र ग्रह का उदय हो गया है, जिसके बाद 5 फरवरी से विवाह के मंगल गीत गूंजने शुरू हो चुके हैं। हालांकि, 23 जनवरी (वसंत पंचमी) को 'अबूझ मुहूर्त' होने के कारण बिना पंचांग देखे भी शादियां संपन्न हुई।
वर्ष 2026 में विवाह मुहूर्त, 5 महीने नहीं गूंजेगी शहनाई
ज्योतिषियों के अनुसार, इस साल विवाह के लिए कुल 59 शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। इनमें से सबसे अधिक 12 मुहूर्त अकेले फरवरी के महीने में हैं। जिसका आगाज 5 फरवरी से हो जाएगा और नवयुगल शादी के पवित्र बंधन में बंधेंगे। इसी तरह
चातुर्मास और अधिकमास के कारण बीच में 5 महीनों तक विवाह जैसे शुभ कार्यों पर रोक रहेगी, जिसका बंधन 20 नवंबर को खत्म हो जाएगा।
साल 2026 में विवाह के शुभ मुहूर्त
वर्ष 2026 में फरवरी में सबसे ज्यादा 12 शुभ मुहूर्त पड़ रहे हैं। इसके साथ ही मार्च, अप्रैल, मई, जून में हर महीने 8 मुहूर्त होंगे। जुलाई माह में 4 मुहूर्त, नवंबर में 4 मुहूर्त, दिसंबर में 7 मुहूर्त पड़ रहे हैं ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी (Devuthani Ekadashi/ Gyaras 2026) के साथ ही भगवान विष्णु जागेंगे और फिर से विवाह कार्यों की शुरुआत हो जाएगी।
इन महीनों में रहेगी शादियों पर रोक
खरमास यानि 14 मार्च से 13 अप्रैल से जब सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेंगे, तब एक महीने तक कोई शादी नहीं होगी। ज्येष्ठ अधिकमास यानि 17 मई से 15 जून तक, चूंकि इस बार ज्येष्ठ का महीना दो बार पड़ रहा है, इसलिए पहले महीने में शादी-ब्याह नहीं हो सकेंगे। चातुर्मास यानि 25 जुलाई से 20 नवंबर तक 4 महीनों के लिए भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाएंगे। इस दौरान देशभर में शादियां रुक जाएंगी।









