लखनऊ/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ उत्तरप्रदेश की सियासत में आज का दिन बेहद ही खास था, जब बसपा सुप्रीमो मायावती ने लखनऊ में बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। महारैली के जरिए मायावती ने करीब 5 से ज्यादा राज्यों के कार्यकर्ताओं को इकट्ठा किया और मंच के जरिए समाजवादी पार्टी को घेरने का काम करने के साथ सीएम योगी की तारीफ कर दी।
मायावती ने दिखाए तीखे तेवर
लखनऊ में बसपा सुप्रीमो मायावती ने 9 साल बाद शक्ति प्रदर्शन कर ताकत दिखाने का प्रयास किया। इस दौरान उनके तेवर बेहद ही तीखे नजर आए। वो भतीजे आकाश के साथ मंच पर पहुंची तो तालियों की गड़गड़ाहट से वातावरण की चुप्पी टूट गई। जिसके बाद मायावती ने हाथ हिलाकर समर्थकों का अभिवादन किया। उन्होंने मंच से सीएम योगी की तारीफ की और सपा को दोगला बताया। इस पर अखिलेश यादव पलटवार किया है। मायावती अपने संबोधन के दौरान अखिलेश यादव और सपा पर सीधे हमलावर नजर आईं।कहा-सपा को जब सत्ता में रहने का मौका मिलता है, तब इन्हें न तो PDA याद आता है, न ही बहुजन समाज के हितों की चिंता होती है। लेकिन जैसे ही कुर्सी हाथ से जाती है, ये खुद को सामाजिक न्याय का सबसे बड़ा ठेकेदार बताने लगते हैं।
मायावती ने की योगी सरकार की तारीफ
मंच के जरिए मायावती ने योगी सरकार का आभार माना। उन्होंने कहा कि 'कांशीराम पार्क और अंबेडकर पार्क में आने वाले लोगों से मिले टिकटों का पैसा सपा सरकार की तरह दबाकर नहीं रखा गया। मेरी आग्रह पर पार्क की मरम्मत पर पूरा खर्च किया गया, जबकि सपा सरकार ने पार्क के रखरखाव की बजाय दूसरे मदों पर पैसा खर्च कर दिया था।'
आजम खान पर मायावती ने तोड़ी चुप्पी
मायावती ने आजम खान के बसपा में शामिल होने की अटकलों पर खुलकर कहा, बोली कि 'मैं ऐसे किसी से छिपकर नहीं मिलती, जब भी मिलती हूं, खुले में मिलती हूं। नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद पर बिना नाम लिए निशाना साधा। कहा- ऐसे बिकाऊ लोगों से सावधान रहने की जरूरत है।'
आकाश आनंद होंगे मायावती के वारिस
अपने संबोधन के दौरान मायावती ने 1 घंटे तक बोलते हुए भतीजे आकाश आनंद को काफी तवज्जो दी, साफ संकेत दे दिए कि वही उनके उत्तराधिकारी होंगे। साथ ही बसपा के 5 सीनियर नेताओं के बेटों का नाम लेकर भी उनकी तारीफ की। जिससे बसपा में पीढ़ी परिवर्तन की कवायद भी शुरु हो गई है।
सांसद चंद्रशेखर रावण पर निशाना
मायावती ने भाषण के दौरान कहा कि हमें कमजोर करने के लिए एक षड्यंत्र रचा जा रहा है। स्वार्थी और बिकाऊ किस्म के लोगों का इस्तेमाल करके कई संगठन बनवा दिए गए हैं। अब तो ये अंदर ही अंदर अपने वोट ट्रांसफर करवा कर इनके एक-दो उम्मीदवारों को जिता भी रहे हैं, ताकि दलित वोट बांटे जा सकें।
मंच पर पहली बार दूसरे नेताओं को बैठाया
महारैली के मंच पर मायावती की एक कुर्सी लगाई गई थी। बगल में सोफे लगे थे। इनमें मुस्लिम समुदाय के तीन चेहरे मुनकाद अली, नौसाद अली और शमसुद्दीन और दलित समाज के चार चेहरे मायावती के भाई आनंद, भतीजे आकाश, गिरीश चंद्र जाटव और धनश्याम चंद्र खरवार बैठे थे।









