MP Bjp Politics: मध्य प्रदेश की सबसे चर्चित दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले हाई-प्रोफाइल उपचुनाव की तारीखों का ऐलान 26 मई के बाद किसी भी वक्त हो सकता है। चुनाव आयोग की इसी संभावित घोषणा से ठीक पहले, सूबे की राजधानी भोपाल से लेकर बुंदेलखंड के राजनैतिक अंचल तक सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच, सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के मध्य प्रदेश चुनाव प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह अचानक पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के भोपाल स्थित निवास पर पहुंचे।
बंद कमरे में हुई चर्चा
जानकारी के अनुसार दोनों कद्दावर नेताओं के बीच बंद कमरे में आधे घंटे से अधिक समय तक वन-टू-वन सीक्रेट चर्चा हुई। राजनैतिक पंडितों का मानना है कि इस गुप्त मुलाकात में दतिया उपचुनाव को फतह करने और कांग्रेस को जमींदोज करने के लिए भाजपा के ब्रह्मास्त्र रणनीति पर अंतिम मुहर लग चुकी है।
दतिया के सबसे सशक्त दावेदार
साल 2023 के विधानसभा चुनाव में मामूली अंतर से मात खाने के बावजूद, दतिया अंचल में डॉ. नरोत्तम मिश्रा की लोकप्रियता और पकड़ आज भी सबसे मजबूत मानी जाती है। दतिया विधानसभा क्षेत्र में उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मेडिकल कॉलेज और पर्यटन के क्षेत्र में जो रिकॉर्ड विकास कार्य कराए हैं, वह आज भी पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल हैं। दतिया की जनता और संगठन के अंदर उन्हें भाजपा का सबसे सशक्त चेहरा और संकटमोचक माना जाता है। यही वजह है कि चुनाव की आहट मिलते ही पार्टी के राष्ट्रीय और प्रांतीय नेताओं का नरोत्तम मिश्रा के निवास पर आना-जाना शुरू हो गया है।
न्यू ज्वाइनिंग कमेटी के जरिए तोड़ी थी कांग्रेस की रीढ़
आपको बता दें कि विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा को मध्य प्रदेश में न्यू ज्वाइनिंग टोली का प्रदेश संयोजक बनाया था। इस भूमिका में उन्होंने जो चक्रव्यूह रचा, उसने कांग्रेस को वेंटिलेटर पर ला दिया था। नरोत्तम मिश्रा की रणनीति के चलते प्रदेश भर से करीब 5 लाख से अधिक कांग्रेस नेताओं, पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने पाला बदलकर भाजपा का दामन थाम लिया था। इस भगदड़ का नतीजा यह हुआ कि लोकसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस को कई ग्रामीण और शहरी पोलिंग बूथों पर अपने पोलिंग एजेंट तक नसीब नहीं हो सके।
छिंदवाड़ा क्लीन स्वीप का रिकॉर्ड
लोकसभा चुनावों में मध्य प्रदेश की सभी 29 की 29 सीटें जीतकर इतिहास रचने के पीछे भी नरोत्तम मिश्रा का ही माइंडगेम काम कर रहा था। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के सबसे मजबूत अभेद्य किले छिंदवाड़ा में ऐसी सर्जिकल स्ट्राइक की, जिसने पूरे देश को चौंका दिया। नरोत्तम मिश्रा ने ही कमलनाथ के सबसे वफादार माने जाने वाले पूर्व मंत्री व कद्दावर नेता दीपक सक्सेना की जॉइनिंग भाजपा में कराई थी। दीपक सक्सेना के टूटते ही कमलनाथ का दशकों पुराना किला भरभरा कर ढह गया और भाजपा ने पहली बार छिंदवाड़ा लोकसभा सीट जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया।
क्या है मुलाकात के मायने?
जब दतिया में एक तरफ कांग्रेस अपने वजूद को बचाने के लिए संघर्ष कर रही है, वहीं भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह का चुनाव घोषित होने से पहले नरोत्तम मिश्रा के द्वार पर पहुंचना साफ संकेत देता है कि हाईकमान दतिया को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। इस बैठक में दतिया उपचुनाव की रणनीति के साथ-साथ बुंदेलखंड के नए राजनैतिक समीकरणों को लेकर भी मंथन हुआ है, जिसकी गूंज बेहद जल्द मैदानी स्तर पर दिखाई देगी।









