भोपाल/ शासकीय चिकित्सा सेवा के दौरान लोगों के दर्द को सुना, देखा और इलाज के महसूस किया। दर्द की गहराई तब और महसूस हुई जब अपने परिजन को एक गंभीर बीमारी में खो दिया। दर्द से गुजरते हुए पीड़ा ने शब्दों का रूप लिया और अंग्रेजी की कविता संग्रह ‘स्काई इज अलाइव एंड वेटिंग ‘ (The Sky is Alive and Waiting) का सृजन हुआ। यह बात डॉ वीणा सिन्हा ने बुधवार शाम क्लब लिटराटी द्वारा अरेरा क्लब (Arera Club Bhopal) में आयोजित बुक डिस्कसन में रिटायर्ड आईपीएस एवं मॉडरेटर अरुणा एम राव के एक सवाल के जवाब में कही। इस अवसर पर शामिल शहर के बुद्धिजीवियों के डॉ वीणा सिन्हा के प्रश्नों के उत्तर भी दिए।
कविता, स्मृतियों और साहित्यिक विमर्श से जीवंत हो उठी:
(Book Discussion Bhopal) कार्यक्रम का संचालन डॉ. अरुणा मोहन राव ने किया। उन्होंने डॉ. वीणा सिन्हा के साथ संग्रह के विभिन्न विषयों, बिंबों और उसके दार्शनिक आयामों पर सार्थक एवं रोचक संवाद किया। रिटायर्ड आईपीएस अरुणा एम राव ने कहा कि यह काव्य संग्रह मुक्त छंद की सहज और प्रवाहपूर्ण शैली में रचा गया हैं। प्रकृति, स्मृति, आत्मचिंतन और मानवीय अस्तित्व से जुड़े व्यापक प्रश्नों के बीच सहजता से विचरण करता है। संघर्ष, आशा, रिश्ते और जीवन के अर्थ की तलाश कविताओं में अलग-अलग रूपों में अभिव्यक्त होती है।
क्लब लिटराटी की प्रोफेसर सीमा रायजादा ने बताया कि स्मृति और कविता के अंतरंग संबंध पर विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने कहा कि कई बार बीत चुके क्षण भी अपनी स्मृतियों के रूप में हमारे भीतर लंबे समय तक जीवित रहते हैं। डॉ. सिन्हा की कविताओं में यही स्मृतियां और जीवनानुभव सशक्त रूपकों तथा संवादधर्मी काव्य-भाषा के माध्यम से अभिव्यक्ति पाते हैं।
सवाल जवाब दूर हुई जिज्ञासा:
कार्यक्रम का समापन डॉ. वीणा सिन्हा और श्रोताओं के बीच हुए जीवंत संवाद से हुआ। चर्चा के बाद मौजूद सुधि श्रोताओं ने डॉ सिन्हा से सवाल भी पूछे। जवाब में संग्रह की कविताओं की विशेषता सामने आई कि पाठक को ठहरने और परिचित चीजों को एक नई दृष्टि से देखने के लिए प्रेरित करती हैं। विशेष रूप से प्रकृति इन कविताओं में केवल पृष्ठभूमि नहीं, बल्कि कवयित्री के लिए एक ऐसी भाषा बन जाती है, जिसके माध्यम से वह मनुष्य के भीतर के संसार और उसकी भावनात्मक अवस्थाओं को व्यक्त करती हैं। बनने वाले संवाद को भी रेखांकित किया गया।
डॉ वीणा सिन्हा की साहित्यिक यात्रा:
प्रदेश शासन के स्वास्थ्य विभाग से आपर संचालक से सेवानिवृत्त डॉ. वीणा सिन्हा ने चिकित्सा और साहित्य, दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके साहित्यिक कृतित्व में कविता-संग्रहों के साथ-साथ मिथक, इतिहास, स्त्री-अनुभव, मानवीय रिश्तों और समकालीन सामाजिक यथार्थ को केंद्र में रखकर लिखे गए उपन्यास शामिल हैं। उनकी रचनाओं को अनेक साहित्यिक सम्मानों से भी नवाजा जा चुका है।









