मुंबई : भारत में निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंकों में से एक, एक्सिस बैंक ने आज 'ओपन' की आदत पड़ जाएगी प्रचार अभियान पेश किया। यह बैंक की डिजिटल बैंकिंग पेशकश 'ओपन' के विकास का अगला चरण है। यह प्रचार अभियान सिर्फ उत्पाद के बारे में बताने से आगे बढ़कर यह दिखाता है कि कैसे आसानी, वैयक्तिकरण (वैयक्तिकरण) और नियंत्रण पर आधारित आसान डिजिटल अनुभव ग्राहकों की उम्मीदों को आकार दे सकते हैं, उनके व्यवहार को प्रभावित कर सकते हैं और रोज़मर्रा की ज़िंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकते हैं।

एक्सिस बैंक के 'एक्सिस 2.0' बदलाव के सफर के अंग के तौर पर 2023 में शुरू की गई पेशकश 'ओपन', बैंक के डिजिटल बैंकिंग विकास की दिशा में उल्लेखनीय कदम था। जहां 2023 में यह दिखाने पर ज़ोर था कि 'ओपन' प्लेटफॉर्म क्या कर सकता है, वहीं 'ओपन' की आदत पड़ जाएगी प्रचार अभियान ब्रांड के विकास में अगला बड़ा कदम है। यह अभियान विशेषता और कार्यक्षमता से हटकर इस बात पर ज़ोर देता है कि इनका ग्राहकों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर क्या असर पड़ता है। यह प्रचार अभियान यह दिखाने की कोशिश करता है कि कैसे आसानी, वैयक्तिकरण और नियंत्रण आदत बन जाती है, और 'दिल से ओपन, 24x7' के वादा पूरा होता है।
हर फिल्म में मुख्य किरदार वही आसानी, वैयक्तिकरण और नियंत्रण चाहता है जो उसे 'ओपन' ऐप पर मिलता है, और इसे ज़िंदगी के दूसरे हिस्सों में भी लागू करना चाहता है। इससे पता चलता है कि किस तरह बेहतरीन डिजिटल अनुभव बैंकिंग से परे भी उम्मीदों को आकार प्रदान करते हैं। कहानियां इस सवाल पर खत्म होती हैं, "अगर मेरा बैंक ऐसा कर सकता है, तो आप क्यों नहीं?", और इसके बाद समापन होता है इस संदेश के साथ कि "आदत तो पड़ेगी न?"
यह प्रचार अभियान सात फिल्मों के ज़रिए, ऐप की कुछ उल्लेखनीय विशेषताओं का ज़िक्र करता है, जैसे कई बैंकों के खाते का एकीकरण, निवेश और ऋण प्रबंधन, खर्च की जानकारी, कार्ड नियंत्रण, मोबाइल ऐप कोड, सेफ्टी सेंटर और एफडी लॉक।
सात फिल्में, एक आसान सवाल: 'अगर मेरा बैंक ऐसा कर सकता है, तो आप क्यों नहीं?'
यह प्रचार अभियान सात अलग-अलग कहानियों के ज़रिए संदेश प्रसारित करता है। हर कहानी दिखाती है कि एक्सिस बैंक का 'ओपन' ऐप किस तरह बैंकिंग से परे भी रोज़मर्रा की आदतों पर आसानी, नियंत्रण और लचीलेपन के ज़रिए असर डालता है।
- एक ही जगह कई बैंक खातों की जानकारी: मुख्य किरदार, हवाई अड्डे के चेक-इन काउंटर पर, एक एयरलाइन से दूसरी एयरलाइन की बुक की गई उड़ानों के बारे में जानकारी मांगता है। यह बातचीत 'ओपन' ऐप के 'वन व्यू' फीचर को दिखाती है, जिससे ग्राहक 'ओपन' ऐप के ज़रिए कई बैंक खातों की जानकारी देख सकते हैं।
लिंक: https://youtu.be/fpuGJL6jANY
- सब कुछ एक ही जगह: इस फिल्म में मुख्य किरदार जूतों की दुकान में स्नीकर ढूंढता है जो अलग-अलग तरह के काम में आ सकें - जैसे चलना, दौड़ना और जिम में वर्कआउट आदि। यह यह फिल्म 'ओपन' ऐप की उस खूबी को दिखाती है जो निवेश, ऋण, जमा और भुगतान को एक ही एकीकृत अनुभव में पेश करती है।
लिंक: https://youtu.be/drWZFQX2MNo
- अपने पैसे की खबर रखें: इसमेंमुख्य किरदार जिम सदस्यता काउंटर पर, अलग-अलग फिटनेस उपकरण के इस्तेमाल और खर्च का पूरा ब्यौरा मांगता है। यह कहानी 'स्पेंड एनालाइज़र' (खर्च विश्लेषक) सुविधा को दिखाती है, जो ग्राहक को अलग-अलग श्रेणी में खर्च के पैटर्न को वास्तविक समय के आधार पर ट्रैक करने में मदद करता है।
लिंक: https://youtu.be/xS_pFbBZ2Zc
- अपनी मर्ज़ी से नियंत्रण रखें: एक लग्ज़री होटल में, मुख्य किरदार अपने रहने के अनुभव को अपनी पसंद के हिसाब से ढालने की कोशिश करती है - जैसे कमरे की सुविधाओं में बदलाव या अपनी पसंद के हिसाब से सुविधाओं और नज़ारों को समायोजित (एडजस्ट) करना। यह फिल्म 'ओपन' ऐप के ज़रिए ग्राहक को अपने कार्ड पर मिलने वाले नियंत्रण को दिखाती है, जिसमें लिमिट का प्रबंधन, पिन बदलना और ज़रूरत पड़ने पर तुरंत कार्ड ब्लॉक करना शामिल है।
लिंक: https://youtu.be/KDYOMqq1AOk
- आपकी सुरक्षा आपके हाथों में: यहां मुख्य किरदार, एक डायग्नोस्टिक सेंटर में, सवाल करती है कि जब ज़्यादा मज़बूत सुरक्षा उपाय उपलब्ध हैं, तो संवेदनशील रिपोर्ट के लिए एसएमएस आधारित ओटीपी पर क्यों निर्भर रहा जाता है। यह फिल्म 'मोबाइल ऐप कोड' को दिखाती है, जिससे ग्राहक सीधे ऐप के अंदर सुरक्षित रूप से ऑथेंटिकेशन कोड खुद तैयार कर सकते हैं।
लिंक: https://youtu.be/9vCm-IfvBPw
- ट्रांज़ैक्शन से परे सुरक्षा: इस फिल्म में एक स्कूबा डाइविंग स्कूल में, मुख्य किरदार इंस्ट्रक्टर से उन्नत (एडवांस्ड) सुरक्षा नियंत्रण और आपात स्थिति से जुड़े उपायों के बारे में पूछती है और जानना चाहती है कि क्या ज़रूरी सुरक्षा सुविधा को आवश्यकता पड़ने पर शुरू किया जा सकता है। यह कहानी 'ओपन' ऐप के 'सेफ्टी सेंटर' सुविधा को दिखाती है, जो ग्राहक को मुख्य बैंकिंग कार्यक्षमता - जैसे फंड ट्रांसफर, यूपीआई और एसएमएस ब्लॉक - पर अधिक नियंत्रण प्रदान करता है। ज़रूरत के मुताबिक आवश्यक फीचर को चालू या बंद करने की सुविधा देकर, 'सेफ्टी सेंटर' धोखाधड़ी से सुरक्षा की अतिरिक्त परत जोड़ता है और उपयोगकर्ताओं को भरोसे के साथ अपनी बैंकिंग सुरक्षा हासिल करने में मदद करता है।
लिंक: https://youtu.be/eNWHkl1O4Ec
- धोखाधड़ी के दबाव से सुरक्षा: यहां मुख्य किरदार एक लॉकर स्टोर में, एक साधारण सवाल पूछकर सुरक्षा का असली मतलब समझाता है कि क्या होगा जब पहुंच (एक्सेस) चोरी होने के बजाय दबाव में दिया गया है? यह फिल्म 'एफडी लॉक' सुविधा को दिखाती है, जिसे सावधि जमा को सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया है। यह सुविधा सिर्फ शाखा से ही पैसे निकालने की सुविधा प्रदान करती है, जिससे तेज़ी से बढ़ती डिजिटल धोखाधड़ी के खिलाफ सुरक्षा की अतिरिक्त परत जुड़ जाती है।
लिंक: https://youtu.be/iLculwKJviM
एक्सिस बैंक के ग्रुप हेड - डिजिटल बिज़नेस, ट्रांसफॉर्मेशन & स्ट्रेटेजिक प्रोग्राम्स, समीर शेट्टी ने कहा, "बैंकिंग, ग्राहकों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी का उल्लेखनीय अंग बनती जा रही है, ऐसे में डिजिटल अनुभव उन्हें आकर्षित करने के लिहाज़ से महत्वपूर्ण होता जा रहा है। एक्सिस बैंक में, हम ऐसी स्मार्ट, सुरक्षित और ग्राहक-केंद्रित क्षमता के निर्माण पर ध्यान दे रहे हैं जो ग्राहकों को उनकी वित्तीय यात्रा पर अधिक दृश्यता, लचीलापन और नियंत्रण प्रदान करे। 'ओपन' के ज़रिए, हम न सिर्फ बैंकिंग संवाद को डिजिटल बना रहे हैं, बल्कि ग्राहकों के अपने बैंकों से जुड़ाव को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं। यह प्रचार अभियान इस दृष्टिकोण को हकीकत में बदलता है और दिखाता है कि बेहतरीन डिजिटल अनुभव किस तरह ग्राहकों के व्यवहार को प्रभावित कर सकता है, उनकी उम्मीदें बढ़ा सकता है और ग्राहकों के साथ जुड़ाव को मज़बूत बना सकता है।"
एक्सिस बैंक के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर, अनूप मनोहर ने प्रचार अभियान पर अपनी टिप्पणी में कहा, "ओपन' की आदत पड़ जाएगी अभियान के मूल में एक साधारण सी बात है। जब ग्राहक बेहतरीन सुविधा, वैयक्तिकरण और नियंत्रण के आदी हो जाते हैं, तो वे स्वाभाविक रूप से हर परस्पर संपर्क में इसकी उम्मीद करने लगते हैं। जानी-पहचानी कहानियों और हास्य के ज़रिए, यह प्रचार अभियान इस बात को वास्तविकता में बदलता है। इन फिल्मों में यह भी दिखाया जाता है कि 'ओपन' ऐप ग्राहकों को किस तरह आसान, सुरक्षित और ग्राहक-केंद्रित बैंकिंग के ज़रिए अधिक आत्मविश्वास, सुविधा और नियंत्रण के साथ अपने वित्तीय जीवन को बेहतर तरीके से संभालने में मदद करता है।"
इस प्रचार अभियान को 'ओपन की आदत पड़ जाएगी' प्रचार अभियान के पीछे की क्रिएटिव एजेंसी, क्यूरेटिविटी की साझेदारी में तैयार और पेश किया गया है।
क्यूरेटिविटी की सीसीओ, आरती श्रीनिवासन ने कहा, "जब एक्सिस की टीम ने हमें दिखाया कि 'ओपन' ऐप किस तरह के शानदार काम कर सकता है, तो हमारा पहला ख्याल यही था: इतने ज़बरदस्त ऐप के लिए हम वैसे ही शानदार विज्ञापन कैसे बनाएं? विचार यह था कि क्यों न दुनिया के कुछ बेहतरीन अनुभवों को लिया जाए और थोड़ी मस्ती की जाए और यह दिखाया जाए कि 'ओपन' की आदत पड़ने के बाद वे उतने अच्छे क्यों नहीं लगते? हमारे क्रिएटिव डायरेक्टर अल्तमश जलील का बहुत-बहुत धन्यवाद, जिन्होंने इस दौरान कई बार स्क्रिप्ट में बदलाव किए और खूब मस्ती भी की। विशेष रूप से एक्सिस बैंक में हमारे भागीदारों को धन्यवाद देना चाहती हूं, जिन्होंने इस प्रक्रिया में हमारा मार्गदर्शन किया और बैंकिंग ऐप जैसे बहुत सारे फीचर वाले ऐप को इतना मानवीय बनाने में हमारी मदद की।"
यह प्रचार अभियान पूरे देश में टीवी, डिजिटल, सोशल और इंटीग्रेटेड मीडिया प्लेटफॉर्म पर चलाया जाएगा। यह अभियान रोज़मर्रा की स्थितियों से जुड़ी कहानियों के ज़रिए, एक्सिस बैंक के इस विश्वास को मज़बूती प्रदान करता है कि जब डिजिटल सफर अधिक सुविधा, नियंत्रण और सुरक्षा प्रदान करते हैं, तो वे सिर्फ उम्मीदों पर खरे ही नहीं उतरते, बल्कि उन्हें नया स्वरूप भी प्रदान करते हैं।









