ग्रेटर नोएडा: भारत के अग्रणी एएसीएसबी-मान्यता प्राप्त बिज़नेस स्कूल, बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी (बिमटेक) ने अपना 39वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर संस्थान का शैक्षणिक एवं प्रशासनिक समुदाय एक साथ एकत्रित हुआ, ताकि संस्थान की यात्रा का उत्सव मनाया जा सके तथा प्रबंधन शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व में उत्कृष्टता के प्रति इसकी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया जा सके।
समारोह में चेतना विकास स्वराज्य ट्रस्ट से पद्मश्री डॉ. भारत भूषण त्यागी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अनेक संस्थागत सम्मान और गतिविधियाँ शामिल थीं, जिनमें सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता पुरस्कार 2025 का प्रदान, एक और दो दशक की सेवा पूर्ण करने वाले सहकर्मियों का अभिनंदन तथा वार्षिक गतिविधि रिपोर्ट 2025–26 का विमोचन सम्मिलित था।
उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए बिमटेक की निदेशक डॉ. प्रबीना राजीब ने कहा, "स्थापना दिवस वह क्षण है जब हम ठहरकर उस यात्रा पर विचार करते हैं जिसने बिमटेक को आज इस मुकाम तक पहुँचाया है, और साथ ही इस विरासत के साथ आने वाली ज़िम्मेदारी की ओर भी देखते हैं। अपनी स्थापना के समय से ही बिमटेक एक ऐसा परिवेश बनाने के लिए प्रतिबद्ध रहा है जहाँ सीखना कक्षा की सीमाओं से आगे जाता है और जहाँ विद्यार्थियों को समालोचनात्मक रूप से सोचने, निष्ठा के साथ कार्य करने और समाज में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित किया जाता है। 39 वर्ष पूरे करते हुए हम यह मानते हैं कि किसी संस्थान की शक्ति केवल उसकी उपलब्धियों में नहीं, बल्कि उन मूल्यों में भी निहित होती है जिन्हें वह आगे लेकर चलता है, तथा उस प्रभाव में भी जो वह अपने विद्यार्थियों, संकाय, पूर्व छात्रों और व्यापक समुदाय के माध्यम से उत्पन्न करता है।"
शिक्षा की परिवर्तनकारी भूमिका को रेखांकित करते हुए मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. भारत भूषण त्यागी ने कहा, "बिमटेक का 39वां स्थापना दिवस केवल एक संस्थान का नहीं, बल्कि उद्देश्यपूर्ण प्रयासों और राष्ट्र-निर्माण की एक विरासत का उत्सव है। शिक्षा को केवल व्यावसायिक कौशल विकसित करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे नैतिक नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व और प्रकृति के साथ सामंजस्य को भी बढ़ावा देना चाहिए। जैसे-जैसे भारत 2047 के अपने विज़न की ओर बढ़ रहा है, कृषि क्षेत्र उद्यमिता, नवाचार और सतत मूल्य सृजन के अपार अवसर प्रस्तुत करता है। प्रबंधन, प्रौद्योगिकी और कृषि ज्ञान को एकीकृत करके संस्थान युवाओं को ऐसे उद्यम खड़े करने के लिए सक्षम बना सकते हैं जो ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं को सुदृढ़ करें और आजीविका के अवसर सृजित करें। मेरा विश्वास है कि बिमटेक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने में सार्थक भूमिका निभा सकता है जो शिक्षा, कृषि और उद्यमिता को एक साथ जोड़े, चक्रीय अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाए और समाज तथा राष्ट्र के लिए अवसर पैदा करे।"
स्थापना दिवस कार्यक्रम में बिमटेक के उन संकाय एवं स्टाफ सदस्यों के योगदान को भी सराहा गया, जिन्होंने 10 और 20 वर्ष की सेवा पूर्ण की है। संस्थान के विकास में उनके दीर्घकालिक जुड़ाव और योगदान को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में सद्राग की संस्थापक निदेशक डॉ. माला भंडारी का संबोधन भी हुआ, जिन्होंने बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा, कौशल विकास और लैंगिक समानता के महत्व पर बल दिया। इसके पश्चात अतिथियों और एक गैर-सरकारी संगठन के विद्यार्थियों के बीच संवाद हुआ।
समारोह का समापन सामुदायिक भोज के साथ हुआ, जिसने इस अवसर की पहचान रही सहभागिता और समावेशन की भावना को और सुदृढ़ किया।
39वां स्थापना दिवस बिमटेक के लिए अपनी संस्थागत यात्रा का उत्सव मनाने, अपने लोगों के योगदान को स्वीकार करने तथा प्रबंधन शिक्षा के भविष्य को आकार देने वाले अवसरों और उत्तरदायित्वों की ओर देखने का एक अवसर रहा।









