मुंबई: जेएसडब्ल्यू सीमेंट लिमिटेड (जेएसडब्ल्यू सीमेंट) और उसकी सूचीबद्ध सहायक कंपनी शिवा सीमेंट लिमिटेड (शिवा सीमेंट) के निदेशक मंडलों ने ऐसी व्यवस्था योजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत शिवा सीमेंट का जेएसडब्ल्यू सीमेंट में विलय किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य दोनों कंपनियों को एक एकीकृत सीमेंट प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित करना और परिचालन, वित्तीय तथा प्रबंधन स्तर पर उपलब्ध तालमेल का लाभ उठाना है।
प्रस्तावित विलय से वित्तीय, प्रबंधकीय, तकनीकी, वितरण, मार्केटिंग और अन्य संसाधनों को एक साथ लाकर परिचालन दक्षता बढ़ाने की उम्मीद है। एकीकृत कारोबार से विभिन्न स्तरों पर संसाधनों के बेहतर उपयोग और संचालन में तालमेल का लाभ मिलने की संभावना है।
विलय से कच्चे माल की खरीद और आपूर्ति श्रृंखला को भी अनुकूलित करने में मदद मिलेगी। शिवा सीमेंट की क्लिंकर इकाई के जरिये बैकवर्ड इंटीग्रेशन को मजबूत किया जाएगा, जिससे बाहरी खरीद पर निर्भरता कम करने और सप्लाई चेन की दक्षता बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
वित्तीय स्तर पर प्रस्तावित विलय से फंड जुटाने में अधिक लचीलापन मिलने, वित्तपोषण लागत को कम करने में मदद मिलने और इंटर-कंपनी गारंटी की आवश्यकता समाप्त होने की उम्मीद है। इससे दोनों कंपनियों की वित्तीय संरचना को अधिक एकीकृत और कुशल बनाने में भी सहायता मिलेगी।
यह विलय शेयरधारकों के लिए भी मूल्य सृजन का लक्ष्य रखता है। बेहतर परिचालन तालमेल, कारोबार के विस्तार और परिचालन दक्षता में सुधार के माध्यम से भविष्य में शेयरधारकों के आर्थिक मूल्य को बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा, शिवा सीमेंट के सार्वजनिक शेयरधारकों को एक बड़ी और अधिक लिक्विड सूचीबद्ध कंपनी में सीधे हिस्सेदारी प्राप्त होगी, जिसके निवेशक आधार में विभिन्न संस्थागत निवेशक शामिल हैं।
प्रस्तावित विलय से कॉरपोरेट ढांचे को भी सरल बनाने में मदद मिलेगी। इससे प्रशासनिक दोहराव, अनुपालन संबंधी जरूरतों और समेकन से जुड़े प्रयासों में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही, यह योजना संबंधित कंपनियों के वित्तीय विवरणों के आकार को उनके कारोबार के अनुरूप करने में भी मदद करेगी।
योजना के तहत, जेएसडब्ल्यू सीमेंट, शिवा सीमेंट के प्रत्येक 41 रुपये अंकित मूल्य वाले 2 रुपये के इक्विटी शेयरों के बदले शिवा सीमेंट के शेयरधारकों—जेएसडब्ल्यू सीमेंट को छोड़कर—को 10 रुपये अंकित मूल्य वाले 5 इक्विटी शेयर जारी करेगी।
प्रस्तावित योजना स्टॉक एक्सचेंजों, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी), नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी), ओडिशा इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (आईडीसीओ) तथा अन्य लागू वैधानिक एवं नियामकीय प्राधिकरणों से आवश्यक मंजूरियां प्राप्त करने और संबंधित कंपनियों के शेयरधारकों एवं लेनदारों की जरूरी मंजूरी पर निर्भर करेगी। ये मंजूरियां लागू कानूनों के तहत या माननीय एनसीएलटी के निर्देश के अनुसार आवश्यक होंगी। नियामकीय मंजूरियां समय पर मिलने की स्थिति में यह लेन-देन 12-14 महीने के भीतर पूरा होने की उम्मीद है।
जेएसडब्ल्यू सीमेंट के सीईओ निलेश नरवेकर ने कहा, “प्रस्तावित विलय अधिक एकीकृत और कुशल कारोबार बनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। इससे परिचालन और वित्तीय तालमेल का लाभ मिलेगा, बैकवर्ड इंटीग्रेशन मजबूत होगा और हमारा कॉरपोरेट ढांचा सरल होगा। महत्वपूर्ण रूप से, इससे शिवा सीमेंट के सार्वजनिक शेयरधारकों को बड़ी और अधिक लिक्विड सूचीबद्ध कंपनी की विकास यात्रा में सीधे भाग लेने का अवसर मिलेगा।”
लेन-देन के स्वतंत्र सलाहकार
जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड ने विशेष वित्तीय सलाहकार के रूप में काम किया। प्राइस वाटरहाउस एंड कंपनी एलएलपी (PwC) ने कर एवं नियामकीय सलाहकार की भूमिका निभाई।
PwC बिजनेस कंसल्टिंग सर्विसेज एलएलपी और BDO वैल्यूएशन एडवाइजरी एलएलपी ने स्वतंत्र पंजीकृत मूल्यांकनकर्ता के रूप में जेएसडब्ल्यू सीमेंट और शिवा सीमेंट के बोर्ड को शेयर विनिमय अनुपात संबंधी रिपोर्ट उपलब्ध कराई।
एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड और डीएएम कैपिटल एडवाइजर्स लिमिटेड ने क्रमशः जेएसडब्ल्यू सीमेंट और शिवा सीमेंट के बोर्ड को शेयर विनिमय अनुपात पर फेयरनेस ओपिनियन प्रदान की।









