एमएसआईएफ के तहत एक नई इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी पेश की गई है, जिसका मकसद डेरिवेटिव इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए चुनिंदा शॉर्ट एक्सपोजर के साथ-साथ लॉन्ग इक्विटी के मौकों को मिलाना है।
मुंबई: महिंद्रा मैनुलाइफ म्यूचुअल फंड ने आज अपने स्पेशलाइज़्ड इन्वेस्टमेंट फंड प्लेटफॉर्म के तहत एक ओपन-एंडेड इक्विटी इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी एमएसआईएफ इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट फंड लॉन्च करने की घोषणा की। नया फंड ऑफर (NFO) 30 सितंबर 2026 को खुलेगा और 14 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। यह इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी 26 अक्टूबर 2026 से लगातार बिक्री और रीपरचेज (वापसी खरीद) के लिए फिर से खुल जाएगी।
एमएसआईएफ इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट फंड मुख्य रूप से लिस्टेड इक्विटी और इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करेगा, साथ ही डेरिवेटिव्स के जरिए चुनिंदा शॉर्ट पोजीशन भी लेगा। इस इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी का मकसद अलग-अलग मार्केट स्थितियों में मौकों की पहचान करके और मार्केट साइकल के दौरान रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न हासिल करके लंबे समय में कैपिटल एप्रिसिएशन (पूंजी में बढ़ोतरी) करना है।
यह स्ट्रैटेजी इक्विटी निवेश के लिए एक फ्लेक्सिबल अप्रोच पर आधारित है, जिसमें लॉन्ग पोजीशन के साथ-साथ चुनिंदा शॉर्ट एक्सपोजर को भी शामिल किया गया है। इससे इन्वेस्टमेंट टीम को बढ़ते और गिरते दोनों तरह के मार्केट माहौल में मौकों का आकलन करने में मदद मिलती है, साथ ही पोर्टफोलियो बनाने और रिस्क मैनेजमेंट के लिए तय पैरामीटर्स को भी बनाए रखा जाता है। इन्वेस्टमेंट प्रोसेस में मैक्रो एनालिसिस, फंडामेंटल स्टॉक सिलेक्शन और एक स्ट्रक्चर्ड रिस्क मैनेजमेंट फ्रेमवर्क का कॉम्बिनेशन शामिल है।
इस निवेश के तरीके में टॉप-डाउन और बॉटम-अप एनालिसिस का मिला-जुला इस्तेमाल किया जाता है। मैक्रो असेसमेंट में ब्याज दरों, महंगाई, आर्थिक विकास, लिक्विडिटी, मार्केट फ्लो और जियोपॉलिटिकल रिस्क जैसे कारकों पर विचार किया जाता है, जबकि स्टॉक चुनने में फंडामेंटल रिसर्च और क्वांटिटेटिव इनपुट का इस्तेमाल होता है। रिस्क मैनेजमेंट फ्रेमवर्क में स्टॉक-लेवल हेज, सेक्टर डेविएशन लिमिट, पोर्टफोलियो हेज, पोजीशन लिमिट और ड्रॉडाउन ट्रिगर शामिल हैं।
शॉर्ट साइड पर यह रणनीति रिसर्च पर आधारित फ्रेमवर्क का पालन करती है जो पॉलिसी और ओनरशिप, बिजनेस एवं गवर्नेंस, और कमाई और वैल्यूएशन जैसे कारकों का मूल्यांकन करती है। शॉर्ट पोजीशन केवल मार्केट की दिशा के बारे में राय के आधार पर नहीं, बल्कि पहचाने गए कैटलिस्ट और सहायक सबूतों के आधार पर ली जाती हैं।
इस लॉन्च पर महिंद्रा मैनुलाइफ इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के एमडी और सीईओ एंथनी हेरेडिया ने कहा: "एमएसआईएफ इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट फंड का लॉन्च स्पेशलाइज़्ड इन्वेस्टमेंट फंड के क्षेत्र में हमारे प्रवेश का प्रतीक है और यह निवेशकों की बदलती जरूरतों के अनुसार अलग-अलग तरह के निवेश समाधान पेश करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जैसे-जैसे बाजार तेजी से बदल रहे हैं, निवेशक ऐसी रणनीतियां तलाश रहे हैं जो बाजार के अलग-अलग दौर में अवसरों का लाभ उठा सकें। यह पेशकश लॉन्ग-शॉर्ट अप्रोच की फ्लेक्सिबिलिटी को म्यूचुअल फंड फ्रेमवर्क की पारदर्शिता, गवर्नेंस और अनुशासन के साथ जोड़ती है।"
महिंद्रा मैनुलाइफ इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के सीआईओ (इक्विटी) कृष्णा संघवी ने कहा: "जैसे-जैसे भारतीय अर्थव्यवस्था बढ़ रही है, वैसे-वैसे भारतीय निवेशकों की प्रति व्यक्ति आय और निवेश के लिए उपलब्ध अतिरिक्त पैसा भी बढ़ रहा है। समझदार निवेशक पारंपरिक 'लॉन्ग-ओनली' (सिर्फ़ खरीदने वाले) नजरिए से हटकर बाजार के नए मौकों की तलाश करते हैं, क्योंकि वे नए तरह के एसेट क्लास में निवेश करना चाहते हैं। एमएसआईएफ इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट फंड का मकसद ऐसे 'लॉन्ग' निवेश आइडिया की पहचान करना है जिन पर पूरा भरोसा हो और साथ ही चुनिंदा तौर पर 'शॉर्ट' एक्सपोजर लेना है, जहाँ फंडामेंटल या वैल्यूएशन कम आकर्षक लगें। गहन रिसर्च और जोखिम प्रबंधन के एक अनुशासित ढांचे के साथ, इस निवेश रणनीति का लक्ष्य बाजार की अलग-अलग स्थितियों में जोखिम के हिसाब से सही रिटर्न (रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न) हासिल करना है।"
इस फंड को अभिषेक जायसवाल और आलाप शाह मैनेज करेंगे, जिन्हें भारतीय इक्विटी, डेरिवेटिव्स और लॉन्ग-शॉर्ट इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजीज का काफी अनुभव है। अभिषेक जायसवाल के पास लॉन्ग, लॉन्ग-शॉर्ट और सेक्टर-फोक्स्ड इक्विटी स्ट्रेटेजीज में इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट का 18 साल से ज़्यादा का अनुभव है, जिसमें से एक दशक से ज़्यादा का अनुभव लॉन्ग-शॉर्ट पोर्टफोलियो में स्पेशलाइजेशन का है। आलाप शाह इन्वेस्टमेंट के अनुभवी प्रोफेशनल हैं, जिन्हें भारतीय इक्विटी और डेरिवेटिव्स मार्केट में 20 साल से ज़्यादा का अनुभव है और उन्होंने 5 अरब डॉलर से ज़्यादा की एसेट्स वाली इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजीज़ को मैनेज करने में योगदान दिया है।
एमएसआईएफ इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट फंड रेगुलर और डायरेक्ट प्लान पेश करेगा, जिसमें ग्रोथ और इनकम डिस्ट्रीब्यूशन के साथ-साथ कैपिटल विड्रॉल के विकल्प भी होंगे। कम से कम निवेश की रकम 10 लाख रुपये है और उसके बाद यह 1 रुपये के मल्टीपल में हो सकती है, जबकि मान्यता प्राप्त निवेशकों (accredited investors) के लिए कम से कम निवेश की रकम 1 लाख रुपये है और उसके बाद यह 1 रुपये के मल्टीपल में हो सकती है। इस स्ट्रैटेजी को निफ्टी- 500 TRI के मुकाबले बेंचमार्क किया जाएगा।
इस निवेश स्ट्रैटेजी को 'रिस्क बैंड लेवल 5' कैटेगरी में रखा गया है। यह उन निवेशकों के लिए है जो मुख्य रूप से लिस्टेड इक्विटी और इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करके लंबे समय में कैपिटल एप्रिसिएशन (पूंजी में बढ़ोतरी) चाहते हैं। इसमें डेरिवेटिव्स के ज़रिए इक्विटी में सीमित शॉर्ट एक्सपोज़र भी शामिल है।







