डेस्क। ब्रेन ट्यूमर की पहचान और उसके प्रकार का पता लगाना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो सकता है। वैज्ञानिकों ने एक ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल विकसित किया है, जो केवल 12 मिनट में ब्रेन ट्यूमर की पहचान कर सकता है। खास बात यह है कि इसके लिए महंगे और समय लेने वाले DNA टेस्ट की जरूरत नहीं पड़ती।
Hetairos नाम के AI मॉडल ने किया कमाल
नेचर कैंसर जर्नल में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, Hetairos नाम का AI मॉडल सामान्य पैथोलॉजी स्लाइड की तस्वीरों का विश्लेषण करके ब्रेन और सेंट्रल नर्वस सिस्टम (CNS) के 102 प्रकार के ट्यूमर की पहचान करने में सक्षम है। यह तकनीक टिश्यू इमेज में मौजूद ऐसे पैटर्न पहचानती है, जिन्हें इंसानी आंखों से देख पाना मुश्किल होता है।
11 हजार से ज्यादा सैंपल पर किया गया परीक्षण
शोधकर्ताओं ने इस AI मॉडल को 9,606 मरीजों के 11,000 से अधिक स्लाइड सैंपल पर प्रशिक्षित और परीक्षण किया। ये नमूने दुनिया के चार महाद्वीपों में स्थित 11 अलग-अलग संस्थानों से जुटाए गए थे। परीक्षण के दौरान मॉडल ने कई मामलों में उच्च स्तर की सटीकता दिखाई।
अनुभवी विशेषज्ञों से बेहतर रहा प्रदर्शन
अध्ययन में पाया गया कि जब केवल स्लाइड इमेज के आधार पर ट्यूमर की पहचान की गई, तो AI मॉडल का प्रदर्शन कई अनुभवी न्यूरोपैथोलॉजिस्ट से बेहतर रहा। जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की औसत सटीकता करीब 30 प्रतिशत रही, वहीं AI मॉडल लगभग 68 प्रतिशत तक सटीक परिणाम देने में सफल रहा।
12 दिन की जगह 12 मिनट में रिपोर्ट
पारंपरिक DNA और आणविक जांच में रिपोर्ट आने में कई दिन लग जाते हैं। कई मामलों में यह प्रक्रिया लगभग 12 दिन तक चलती है। वहीं Hetairos AI स्कैन की गई स्लाइड का विश्लेषण कर करीब 12 मिनट में रिपोर्ट तैयार कर सकता है। इससे मरीजों के इलाज की शुरुआत में होने वाली देरी कम हो सकती है।
डॉक्टरों की मदद के लिए विकसित हुई तकनीक
वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि यह तकनीक डॉक्टरों की जगह लेने के लिए नहीं बनाई गई है। इसका उद्देश्य डॉक्टरों को तेजी से और बेहतर निर्णय लेने में सहायता देना है। खासकर उन अस्पतालों में जहां उन्नत DNA जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां यह तकनीक शुरुआती स्तर पर महत्वपूर्ण मदद कर सकती है।
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