Union Minister Resign: देश की राजनीति के गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। मोदी सरकार के केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कुरियन का इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया है। राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत जॉर्ज कुरियन का यह इस्तीफा मंजूर किया गया है।
कार्यकाल का अंत
दरअसल, जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो गया था। नियमों के तहत मंत्री पद पर बने रहने के लिए संसद के किसी भी सदन का सदस्य होना अनिवार्य शर्त है। BJP ने हाल ही में संपन्न हुए राज्यसभा चुनावों में जॉर्ज कुरियन को दोबारा अपना उम्मीदवार न बनाने का फैसला लिया था। मध्य प्रदेश से खाली हुई सीट पर इस बार पार्टी ने उन्हें दोबारा मौका नहीं दिया, जिसके चलते उनका उच्च सदन का सफर रुक गया।
मप्र से चुने गए थे सांसद
अगस्त 2024 में जब ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना से लोकसभा चुनाव जीतकर केंद्रीय मंत्री बने, तब उनके खाली हुए राज्यसभा सीट पर बीजेपी आलाकमान ने जॉर्ज कुरियन को मध्य प्रदेश से निर्विरोध राज्यसभा भेजा था। वे सिंधिया के बचे हुए कार्यकाल के लिए राज्यसभा सांसद बने थे, जो अब जून 2026 में खत्म हो गया।
इन मंत्रालयों की संभाल रहे थे कमान
केरल के रहने वाले 65 वर्षीय सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील जॉर्ज कुरियन मोदी सरकार 3.0 में अल्पसंख्यक मामलों के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वे केंद्र सरकार की कैबिनेट में ईसाई समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले इकलौते चेहरा थे।










