आल इंडिया कांग्रेस कमेटी यानी AICC ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए छह राज्यों के लिए नए प्रभारी नियुक्त किए हैं. पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, इन नियुक्तियों का असर तत्काल प्रभाव से लागू होगा. कांग्रेस ने अलग-अलग राज्यों की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओं को सौंपते हुए संगठन को नई दिशा देने की कोशिश की है.
इस बदलाव में सबसे ज्यादा चर्चा छत्तीसगढ़ और पंजाब को लेकर हो रही है. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने सुखदेव भगत को नया प्रभारी नियुक्त किया है. वहीं, पंजाब की जिम्मेदारी अब सचिन पायलट संभालेंगे. इससे पहले पंजाब कांग्रेस के प्रभारी की भूमिका भूपेश बघेल निभा रहे थे. अब पार्टी ने उन्हें असम का प्रभारी नियुक्त किया है.
भूपेश बघेल को मिली असम की जिम्मेदारी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अब असम में पार्टी संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई है. पंजाब में उनके स्थान पर सचिन पायलट को प्रभारी बनाया गया है. कांग्रेस के इस फैसले को आने वाले समय की राजनीतिक तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है.
इन राज्यों में भी बदले गए पार्टी प्रभारी
AICC की ओर से जारी सूची के अनुसार, रंदीप सिंह सुरजेवाला को गुजरात का महासचिव प्रभारी बनाया गया है. इसके साथ ही उन्हें कर्नाटक की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है. सचिन पायलट को पंजाब, सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ और श्रीनिवास बी.वी. को महाराष्ट्र का प्रभारी बनाया गया है. वहीं पी. मोहन को आंध्र प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई है.

पार्टी ने इन नियुक्तियों के साथ कुछ पुराने प्रभारियों की सेवाओं की भी सराहना की है. कांग्रेस ने संगठन में उनके योगदान के लिए जितेंद्र सिंह, रमेश चेन्निथला और मणिकम टैगोर का आभार जताया है.
आगामी चुनावी तैयारियों पर कांग्रेस का फोकस
कांग्रेस के इस संगठनात्मक फेरबदल को पार्टी की आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है. नए प्रभारियों के सामने संबंधित राज्यों में पार्टी संगठन को मजबूत करने, नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने तथा आने वाली राजनीतिक चुनौतियों के लिए रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी होगी.
खास तौर पर पंजाब, असम और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में नए प्रभारियों की नियुक्ति से पार्टी की गतिविधियों में बदलाव देखने को मिल सकता है. कांग्रेस नेतृत्व का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब पार्टी अलग-अलग राज्यों में अपने संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावी तैयारियों को गति देने पर जोर दे रही है.









