नई दिल्ली/खबर डिजिटल/ दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर रविवार को एक बार फिर हलचल तेज हो गई। RK आश्रम से जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की तैयारी कर रहे प्रदर्शनकारियों और मौके पर मौजूद यूट्यूबर्स की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इससे पहले शनिवार को दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया था। रविवार को रास्ते खुले होने के बीच प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई को लेकर स्थिति पर नजर बनी हुई है।
अभिजीत दीपके की सशर्त रिहाई
जानकारी के अनुसार, एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने अभिजीत दीपके को इस शर्त पर रिहा किया कि वह अगले एक साल तक शांति बनाए रखेंगे। बताया जा रहा है कि दीपके महाराष्ट्र लौट गए हैं। हालांकि, रिहाई से जुड़ी शर्तों और कार्रवाई के आधिकारिक विवरण की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है, वहीं एक लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
अगले कुछ घंटे अहम, पुलिस की कार्रवाई पर नजर
प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम पर नजर रखने वाले लोगों के अनुसार, अगले चार से पांच घंटे स्थिति के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकते हैं। CJP की ओर से फिलहाल वेट एंड वॉच की स्थिति अपनाए जाने की बात कही जा रही है। प्रदर्शन में वामपंथी संगठनों से जुड़े लोगों की मौजूदगी की भी जानकारी सामने आई है।
RK आश्रम से निकले पहले समूह को हिरासत में लिया
मिली जानकारी के मुताबिक, RK आश्रम से जंतर-मंतर की ओर बढ़े प्रदर्शनकारियों के पहले समूह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस दौरान मौके पर वीडियो बनाने वाले यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स भी मौजूद थे। घटनाक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगे हैं।
हिरासत की कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर बहस
प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई को कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर अलग-अलग शब्दों में पेश किए जाने को लेकर भी बहस हो रही है। ध्रुव राठी, सौरव दास और आशुतोष रांका के संदर्भ में इस तरह की भाषा के इस्तेमाल की चर्चा की जा रही है। उन्होंने हिरासत में लेने को ‘किडनैप कर लिया’.. कहा था। वहीं प्रदर्शन स्थलों पर वीडियो और रील बनाने वाले कंटेंट क्रिएटर्स की मौजूदगी भी चर्चा का विषय है। ऐसे आयोजनों में घटनाओं के वीडियो तेजी से प्रसारित होते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर सामने आने वाली सामग्री और मौके की वास्तविक स्थिति में अंतर हो सकता है। फिलहाल, दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की आगे की गतिविधियों, पुलिस की कार्रवाई और जंतर-मंतर के आसपास की स्थिति पर नजर बनी हुई है।









