डेस्क। आज के डिजिटल दौर में मोबाइल पर रील्स देखना लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। बच्चे हों, युवा हों या बड़े, हर उम्र के लोग घंटों सोशल मीडिया पर वीडियो और रील्स देखते रहते हैं। हालांकि यह मनोरंजन का आसान तरीका है, लेकिन जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम आंखों की सेहत पर बुरा असर डाल सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक मोबाइल स्क्रीन देखने से आंखों में थकान, जलन, सूखापन और धुंधलापन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसके अलावा मोबाइल से निकलने वाली ब्लू लाइट नींद की गुणवत्ता को भी प्रभावित कर सकती है।

लगातार रील्स देखने से आंखों पर क्या असर पड़ता है?
मोबाइल स्क्रीन पर लंबे समय तक नजर टिकाए रखने से आंखों की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ जाता है। इससे आंखें जल्दी थकने लगती हैं और भारीपन महसूस हो सकता है।
इसके अलावा रील्स देखते समय लोग सामान्य से कम पलक झपकाते हैं, जिससे आंखों में नमी कम हो जाती है और ड्राईनेस या जलन की समस्या हो सकती है।
लंबे समय तक स्क्रीन देखने से कुछ लोगों को अस्थायी रूप से धुंधला दिखाई देने लगता है। कई बार सिरदर्द और आंखों के आसपास दर्द की शिकायत भी हो सकती है।

ब्लू लाइट भी बढ़ा सकती है परेशानी
मोबाइल और टैबलेट से निकलने वाली ब्लू लाइट शरीर के मेलाटोनिन हार्मोन को प्रभावित कर सकती है। यह हार्मोन नींद को नियंत्रित करने में मदद करता है। रात में ज्यादा स्क्रीन देखने से नींद आने में परेशानी हो सकती है और नींद की गुणवत्ता भी खराब हो सकती है।
आंखों को सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये उपाय
20-20-20 नियम का पालन करें
हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए लगभग 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें। इससे आंखों को आराम मिलता है और तनाव कम होता है।
स्क्रीन टाइम सीमित रखें
बिना जरूरत घंटों रील्स देखने से बचें। मनोरंजन के लिए स्क्रीन इस्तेमाल करने का समय तय करें।
बीच-बीच में ब्रेक लें
लगातार मोबाइल देखने के बजाय हर घंटे 5 से 10 मिनट का ब्रेक जरूर लें। इससे आंखों की थकान कम होती है।
पर्याप्त पानी पिएं
शरीर में पानी की कमी होने पर आंखों में सूखापन बढ़ सकता है। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है।
सही रोशनी में मोबाइल इस्तेमाल करें
बहुत अंधेरे या बहुत तेज रोशनी में मोबाइल देखने से आंखों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। हमेशा संतुलित रोशनी में स्क्रीन का उपयोग करें।
एक दिन में कितना स्क्रीन टाइम सही माना जाता है?
विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों और किशोरों के लिए मनोरंजन संबंधी स्क्रीन टाइम सीमित होना चाहिए।
- 2 से 12 वर्ष के बच्चों के लिए: 1 से 2 घंटे
- 13 से 18 वर्ष के किशोरों के लिए: 2 से 3 घंटे
- 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए: काम के अलावा 4 से 6 घंटे से ज्यादा लगातार स्क्रीन इस्तेमाल से बचना चाहिए
सबसे जरूरी बात
मोबाइल का उपयोग पूरी तरह बंद करना जरूरी नहीं है, लेकिन संतुलित उपयोग बेहद जरूरी है। यदि आंखों में लगातार जलन, दर्द, धुंधलापन या सिरदर्द की समस्या बनी रहती है तो नेत्र विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
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