डेस्क। देश में सोना और चांदी खरीदना अब आम लोगों के लिए और महंगा हो गया है। केंद्र सरकार ने सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का फैसला लिया है। वित्त मंत्रालय की नई अधिसूचना के मुताबिक सोने और चांदी पर बेसिक कस्टम ड्यूटी बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दी गई है। इसके साथ 5 प्रतिशत कृषि अवसंरचना और विकास उपकर (AIDC) पहले की तरह लागू रहेगा। इस फैसले के बाद प्रभावी आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़कर सीधे 15 प्रतिशत पहुंच गया है, जिसका असर अब बाजार में गहनों और निवेश दोनों पर दिखाई देगा।
सोने-चांदी के गहनों की कीमतों में आएगी तेजी
सरकार के नए फैसले का सीधा असर ज्वेलरी बाजार पर पड़ने वाला है। आयात शुल्क बढ़ने से सोने और चांदी की लागत बढ़ जाएगी, जिससे गहनों की कीमतें भी ऊपर जाएंगी। यह बढ़ोतरी केवल कच्चे सोने और चांदी तक सीमित नहीं रखी गई है, बल्कि ज्वेलरी निर्माण में इस्तेमाल होने वाले छोटे पुर्जों और प्लैटिनम पर भी शुल्क बढ़ाया गया है।
कारोबारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में शादी-विवाह और त्योहारों के सीजन में ग्राहकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। पहले से रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी सोने की कीमतों के बीच यह फैसला बाजार में और तेजी ला सकता है।
रिकॉर्ड गोल्ड आयात बना सरकार की चिंता
सरकार के इस कदम के पीछे सबसे बड़ी वजह लगातार बढ़ता गोल्ड आयात माना जा रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का गोल्ड इंपोर्ट करीब 71.98 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 24 प्रतिशत ज्यादा है। हालांकि सोने के आयात की मात्रा में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के लगातार बढ़ने से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ा है। देश का व्यापार घाटा 333.2 बिलियन डॉलर तक पहुंचने के बाद सरकार पर आयात नियंत्रित करने का दबाव बढ़ गया था। ऐसे में सोने की विदेशी खरीद को सीमित करने के लिए यह बड़ा फैसला लिया गया है।

पीएम मोदी ने दी थी सलाह
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान संकट के बाद बदले वैश्विक आर्थिक हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से आर्थिक अनुशासन अपनाने की अपील की थी। उन्होंने लोगों से अनावश्यक खर्चों को कम करने, सोने की खरीद टालने और विदेश यात्राओं पर कम खर्च करने की सलाह दी थी। सरकार का फोकस फिलहाल विदेशी मुद्रा बचाने और ईंधन सहित जरूरी संसाधनों के संतुलित उपयोग पर है। माना जा रहा है कि सोने पर ड्यूटी बढ़ाने का फैसला भी इसी व्यापक आर्थिक रणनीति का हिस्सा है।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची सोने की कीमतें
भारतीय बाजार में सोने की कीमतें पहले ही ऐतिहासिक ऊंचाई पर बनी हुई हैं। पिछले साल अप्रैल में पहली बार सोना 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आंकड़े को पार कर गया था। अब राष्ट्रीय राजधानी में 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 1.5 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है। स्विट्जरलैंड और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों से आयात होने वाले सोने पर बढ़े शुल्क का असर आने वाले समय में खुदरा बाजार में और ज्यादा दिखाई दे सकता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों में आगे भी तेजी बनी रह सकती है, जिससे आम निवेशकों और ग्राहकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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