सोने और चांदी की कीमतों में एक दिन की गिरावट के बाद शुक्रवार, 18 सितंबर को फिर तेजी देखने को मिली है. गुरुवार को दोनों कीमती धातुओं के भाव में गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन आज बाजार खुलने के बाद तस्वीर बदल गई. घरेलू वायदा बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में बढ़त देखी जा रही है.
खबर लिखे जाने तक मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सोने का भाव 310 रुपये चढ़ चुका था. इसके साथ 10 ग्राम सोने की कीमत 1,53,291 रुपये पर पहुंच गई. वहीं, चांदी के भाव में भी जोरदार उछाल देखने को मिला. MCX पर चांदी 1,343 रुपये की बढ़त के साथ कारोबार कर रही थी और एक किलोग्राम चांदी की कीमत 2,39,548 रुपये दर्ज की गई.
कीमती धातुओं में यह तेजी सिर्फ भारतीय बाजार तक सीमित नहीं है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी शुक्रवार को सोने और चांदी दोनों के भाव में मजबूती दर्ज की गई. ग्लोबल मार्केट में होने वाली हलचल का असर घरेलू कमोडिटी बाजार पर भी देखने को मिलता है.
दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोना 600 रुपये सस्ता
इससे एक दिन पहले यानी गुरुवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत में गिरावट आई थी. राष्ट्रीय राजधानी में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 600 रुपये घटकर 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया था. बुधवार को इसी शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,55,600 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई थी.
हालांकि, दिल्ली के बाजार में चांदी की कीमत में गुरुवार को कोई बदलाव नहीं हुआ. स्थानीय कारोबारियों के मुताबिक, सभी टैक्स को शामिल करने के बाद चांदी 2.42 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर स्थिर रही.
बाजार में सोने की कीमत में आई गिरावट के पीछे घरेलू मांग में कमजोरी को अहम वजह माना गया. कारोबारियों का कहना था कि घरेलू बाजार में खरीदारी का दबाव कम रहने से सोने के भाव पर असर पड़ा.
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (कमोडिटीज) सौमिल गांधी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोर रुख का असर घरेलू सोने की कीमतों पर पड़ा. उनके अनुसार, फेडरल रिजर्व की ओर से सख्त नीतिगत संकेत मिलने के बाद ग्लोबल मार्केट में सोने पर दबाव देखने को मिला और गुरुवार को इसकी कीमत में मामूली गिरावट दर्ज की गई थी.
अब शुक्रवार को MCX पर सोने और चांदी में आई तेजी से निवेशकों की नजर एक बार फिर कीमती धातुओं के भाव पर टिक गई है. हालांकि, सोने-चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि घरेलू मांग के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेत भी इनकी कीमतों को प्रभावित करते हैं.









