भारतीय रुपये में लगातार कमजोरी का असर घरेलू सर्राफा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है. आयात लागत बढ़ने के कारण राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोने की कीमतों में सोमवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी दर्ज की गई. 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 2,000 रुपये महंगा होकर 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया. इससे पहले कारोबारी सत्र में सोना 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था.
चांदी की कीमत में भी जोरदार उछाल
सोने के साथ चांदी के बाजार में भी तेजी लौट आई है. अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक, पिछले कारोबारी सत्र में कीमत स्थिर रहने के बाद सोमवार को चांदी में 5,200 रुपये की बड़ी बढ़त दर्ज की गई. सभी करों को शामिल करने के बाद चांदी की कीमत बढ़कर 2.40 लाख रुपये प्रति किलोग्राम हो गई. इससे पहले शुक्रवार को चांदी 2,34,800 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर कारोबार बंद हुई थी.
बाजार से जुड़े कारोबारियों के मुताबिक रुपये की कमजोरी ने घरेलू बाजार में सोने और चांदी की लागत बढ़ा दी है. भारत में कीमती धातुओं की बड़ी मात्रा आयात की जाती है, इसलिए डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में मामूली नरमी के कारण घरेलू बाजार में तेजी कुछ हद तक सीमित रही.
डॉलर मजबूत होने से रुपया कमजोर
सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 11 पैसे कमजोर होकर 95.28 के अस्थायी स्तर पर बंद हुआ. बाजार में डॉलर की मजबूती और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच रुपये पर दबाव देखने को मिला. रुपये की इस कमजोरी से आयातित सोने और चांदी की कीमत घरेलू बाजार में और बढ़ गई.
एलकेपी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, हालिया तेजी के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत लगभग स्थिर रही. हालांकि घरेलू बाजार में कीमती धातुओं के भाव ऊपर गए. निवेशक फिलहाल नए आर्थिक संकेतों और वैश्विक घटनाक्रमों का इंतजार कर रहे हैं, जिसके कारण सर्राफा बाजार में कीमतें मजबूत बनी हुई हैं.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में हल्की गिरावट
वैश्विक बाजार की बात करें तो हाजिर सोने की कीमत मामूली गिरावट के साथ 4,335.32 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी. इसके विपरीत चांदी की कीमत में तेजी देखने को मिली और यह बढ़कर 63.90 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई. विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में रुपये की चाल, डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल की कीमत और वैश्विक आर्थिक संकेतों का असर सोने-चांदी की कीमतों पर बना रह सकता है. ऐसे में घरेलू सर्राफा बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.









