डेस्क। आजकल गट हेल्थ यानी पेट की सेहत को लेकर दुनिया भर में तेजी से रिसर्च हो रही है। वैज्ञानिकों और डॉक्टरों का मानना है कि हमारा पेट सिर्फ खाना पचाने का काम नहीं करता, बल्कि यह शरीर की इम्यूनिटी, मानसिक स्वास्थ्य और हार्मोनल बैलेंस को भी प्रभावित करता है। यही वजह है कि गट को अक्सर शरीर का “दूसरा दिमाग” कहा जाता है।
शरीर की 70% इम्यूनिटी गट से जुड़ी
विशेषज्ञों के मुताबिक, हमारे पेट में मौजूद खरबों अच्छे बैक्टीरिया पाचन को बेहतर बनाने के साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करते हैं। ये बैक्टीरिया मानसिक स्वास्थ्य और शरीर के कई जरूरी फंक्शन्स को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
फाइबर और पानी है सबसे जरूरी
पेट को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना फाइबर से भरपूर चीजें, फल, सब्जियां, दालें और साबुत अनाज खाना बेहद जरूरी है। साथ ही शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। डॉक्टरों का कहना है कि ज्यादा ऑयली, मसालेदार और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाना गट हेल्थ के लिए फायदेमंद होता है।
देर रात भारी खाना खाने से बचें

एक्सपर्ट के मुताबिक, देर रात भारी भोजन करने से पेट संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। अगर एक दिन ज्यादा भारी भोजन किया है तो अगले दिन हल्का खाना लेना चाहिए, ताकि पाचन तंत्र को आराम मिल सके।
मेडिटेरेनियन डाइट को माना गया फायदेमंद
यूनिवर्सिटी ऑफ क्रैंब्रिज से जुड़े एक्सपर्ट का कहना है कि मेडिटेरेनियन डाइट पाचन को बेहतर बनाने में मदद करती है। इसमें फल, सब्जियां, मछली और हेल्दी फैट्स शामिल होते हैं, जबकि प्रोसेस्ड फूड और रेड मीट का सेवन कम किया जाता है।
कीवी और अलसी कब्ज में फायदेमंद
डॉक्टरों के अनुसार, कीवी कब्ज में राहत देने वाले असरदार घरेलू उपायों में शामिल है। वहीं अलसी के बीज नेचुरल लैक्सेटिव की तरह काम करते हैं और आसानी से पच जाते हैं। इन्हें दही और फलों के साथ खाने की सलाह दी जाती है।
अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड और स्मोकिंग से बढ़ता खतरा
विशेषज्ञों ने अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड, शराब और जरूरत से ज्यादा एंटीबायोटिक्स के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि स्मोकिंग से एसिड रिफ्लक्स और आंतों के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
टॉयलेट में फोन इस्तेमाल करना भी नुकसानदायक
एक स्टडी में पाया गया है कि टॉयलेट में बैठकर लंबे समय तक फोन इस्तेमाल करने से बवासीर और पेल्विक फ्लोर से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, यह साफ-सफाई के लिहाज से भी ठीक नहीं माना जाता।
कितनी बार टॉयलेट जाना माना जाता है नॉर्मल?
डॉक्टरों के मुताबिक, एक हेल्दी व्यक्ति के लिए दिन में तीन बार से लेकर हफ्ते में तीन बार तक शौच जाना सामान्य माना जाता है। हालांकि हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है और सबसे जरूरी बात यह है कि उसका रूटीन नियमित हो।
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