ग्वालियर में मध्य प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक भविष्य की दिशा तय करने वाला एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट’ का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने लगभग 2 लाख करोड़ रुपये की औद्योगिक परियोजनाओं का शिलान्यास किया, जो राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को नई गति देने वाला कदम माना जा रहा है। इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में 1.93 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है, जिससे युवाओं और कुशल श्रमिकों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।
समिट के उद्घाटन के साथ ही अमित शाह ने ग्वालियर मेले का भी शुभारंभ किया, जो इस क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक रहा है। इसके अतिरिक्त, अटल संग्रहालय में किए गए नवीनीकरण कार्य को भी उन्होंने जनता को समर्पित किया। यह संग्रहालय पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों, जीवन और योगदान को सहेजने का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, और इसका नवीनीकरण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को साकार कर रहा मध्य प्रदेश
अधिकारियों के अनुसार, यह ग्रोथ समिट पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर आयोजित की गई, जिससे इस आयोजन को विशेष भावनात्मक और राष्ट्रीय महत्व मिला। समिट में लगभग 25 हजार लाभार्थी शामिल हुए, जबकि देश-विदेश से हजारों उद्यमी और निवेशकों ने भी इसमें भागीदारी की। यह भारी सहभागिता इस बात का संकेत है कि मध्य प्रदेश अब निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद और आकर्षक गंतव्य के रूप में उभर रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश सरकार ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य देश को दुनिया की तीसरी सबसे शक्तिशाली अर्थव्यवस्था बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान देगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार और रोजगार सृजन के माध्यम से मध्य प्रदेश आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को साकार कर रहा है।
नए युग की शुरुआत का प्रतीक ‘अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट'
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि ‘अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट’ केवल निवेश प्रस्तावों और औद्योगिक घोषणाओं तक सीमित नहीं है। यह एक समग्र और एकीकृत विकास दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है, जिसमें उद्योग, शहरी विकास, पर्यटन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSMEs), स्टार्टअप और रोजगार को एक साथ आगे बढ़ाने की रणनीति शामिल है। इस मॉडल का उद्देश्य संतुलित विकास सुनिश्चित करना है, ताकि प्रदेश के हर वर्ग और हर क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
कुल मिलाकर, ग्वालियर में आयोजित यह ग्रोथ समिट मध्य प्रदेश के लिए एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है। यह न केवल आर्थिक प्रगति का रोडमैप प्रस्तुत करती है, बल्कि राज्य को नवाचार, निवेश और रोजगार के एक सशक्त केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ठोस कदम भी साबित होती है।
लेखक: वीपीएस भदौरिया









