भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ भारतीय रेलवे में सफर के दौरान यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए कई नियम निर्धारित किए गए हैं। इसके बावजूद कुछ यात्री ट्रेन में मोबाइल के स्पीकर पर तेज आवाज में गाने बजाते हैं, जोर-जोर से बातचीत करते हैं या शोर मचाकर दूसरे यात्रियों की परेशानी बढ़ाते हैं। ऐसे व्यवहार को रेलवे यात्रा के दौरान अनुचित माना जाता है और नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित यात्री के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
दूसरे यात्रियों की नींद और आराम में पड़ता है खलल
ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को अक्सर लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में लोग आराम करने, सोने या शांतिपूर्वक यात्रा करने की उम्मीद रखते हैं। लेकिन कुछ यात्रियों द्वारा मोबाइल पर तेज आवाज में वीडियो देखना, गाने चलाना और बिना जरूरत शोर करना सहयात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन जाता है। रेलवे यात्रा के दौरान सभी यात्रियों से अपेक्षा की जाती है कि वे दूसरों की सुविधा का ध्यान रखें और ऐसा कोई व्यवहार न करें, जिससे किसी की नींद या शांति भंग हो।
रेलवे अधिनियम की धारा 145 के तहत हो सकती है कार्रवाई
रेलवे परिसर या ट्रेन में उपद्रव, नशे की हालत में दुर्व्यवहार और अनुचित व्यवहार से जुड़े मामलों में भारतीय रेलवे अधिनियम की धारा 145 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, किसी मामले में इस धारा का इस्तेमाल संबंधित परिस्थितियों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर किया जाता है। इसलिए यात्रियों को ट्रेन में ऐसा व्यवहार करने से बचना चाहिए, जिससे अन्य यात्रियों को परेशानी हो या रेलवे की व्यवस्था प्रभावित हो।
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महिला कोच में अनधिकृत प्रवेश भी नियमों का उल्लंघन
ट्रेनों में महिलाओं के लिए निर्धारित कोच में अनधिकृत रूप से प्रवेश करना भी नियमों के खिलाफ है। ऐसे कोच महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर निर्धारित किए जाते हैं। संबंधित नियमों का उल्लंघन करने वाले यात्रियों पर रेलवे प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
ट्रेन में गंदगी फैलाने और असुरक्षित जगहों पर बैठने से बचें
रेल यात्रा के दौरान साफ-सफाई बनाए रखना भी प्रत्येक यात्री की जिम्मेदारी है। ट्रेन, शौचालय या रेलवे परिसर में कचरा फैलाने से अन्य यात्रियों को परेशानी होती है और स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होती है। इसके अलावा ट्रेन के दरवाजे, पायदान या अन्य असुरक्षित स्थानों पर बैठना अथवा यात्रा करना दुर्घटना का खतरा बढ़ा सकता है। यात्रियों को निर्धारित सीटों और सुरक्षित स्थानों पर ही यात्रा करनी चाहिए।
जिम्मेदार व्यवहार से सफर बनेगा सुरक्षित और सुविधाजनक
रेलवे यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए जरूरी है कि यात्री तेज आवाज में संगीत बजाने, अनावश्यक शोर करने, गंदगी फैलाने और दूसरे यात्रियों की सुविधा में बाधा डालने से बचें। नियमों का पालन करने और सहयात्रियों के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने से ट्रेन में सभी के लिए सुरक्षित, शांतिपूर्ण और बेहतर यात्रा सुनिश्चित की जा सकती है।









