नई दिल्ली/खबर डिजिटल/ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में बड़े स्तर पर मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के बाद माना जा रहा है कि सरकार और संगठन के स्तर पर जिम्मेदारियों में बदलाव किया जा सकता है। हालांकि, संभावित फेरबदल को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव की चर्चा के बीच सात नाम खास तौर पर चर्चा में हैं। इनमें कुछ मंत्री पहले ही पद छोड़ चुके हैं, जबकि कुछ के सामने संगठन में नई जिम्मेदारी या राज्यसभा सदस्यता खत्म होने के कारण मंत्री पद पर बने रहने को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।
इन सात नामों को लेकर चर्चा
धर्मेंद्र प्रधान – उन्होंने जुलाई 2026 में केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दिया था। उनके पास रहा शिक्षा मंत्रालय फिलहाल प्रह्लाद जोशी को अतिरिक्त प्रभार के रूप में दिया गया है।
रवनीत सिंह बिट्टू – राज्यसभा के लिए दोबारा नामांकन नहीं मिलने के बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
जॉर्ज कुरियन – राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें दोबारा नामांकन नहीं मिला और उन्होंने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया।
हर्ष मल्होत्रा – उन्हें दिल्ली भाजपा की प्रदेश इकाई की जिम्मेदारी दी गई है। एक व्यक्ति-एक पद के सिद्धांत के चलते उनके केंद्रीय मंत्री पद को लेकर भी चर्चा है।
पंकज चौधरी – उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद उनके केंद्रीय मंत्री पद को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। वे लोकसभा सांसद हैं, इसलिए उनका मामला राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने से अलग है।
हरदीप सिंह पुरी – भाजपा ने उत्तर प्रदेश से आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए उन्हें दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया है। उनका मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। इसके बाद उनके मंत्री पद को लेकर स्थिति महत्वपूर्ण होगी।
बी.एल. वर्मा – उन्हें भी उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया गया है। उनका राज्यसभा कार्यकाल भी 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में मंत्रिमंडल में उनकी भूमिका को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
क्यों बढ़ी फेरबदल की संभावना?
हालिया रिपोर्टों के मुताबिक केंद्र सरकार में कई मंत्री एक से अधिक मंत्रालयों का प्रभार संभाल रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय अतिरिक्त प्रभार में है, जबकि हरदीप सिंह पुरी के राज्यसभा कार्यकाल के समाप्त होने के बाद पेट्रोलियम मंत्रालय को लेकर भी बदलाव की स्थिति बन सकती है। ऐसे में मंत्रिमंडल के विस्तार और फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, किस मंत्री को हटाया जाएगा, किसे नई जिम्मेदारी मिलेगी और नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह दी जाएगी या नहीं, इस पर अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व को करना है। फिलहाल इसे संभावित बड़े फेरबदल के तौर पर देखा जा रहा है।









