यूरोपीय देशों के किसी मेयर या जनप्रतिनिधि का नाम सुनते ही दिमाग में लग्जरी गाड़ियों और वीआईपी सुविधाओं का ख्याल आता है. लेकिन नॉर्वे के पोरसैंजर शहर के मेयर जो इंगे हेसजेविक इन दिनों भारत में एक बेहद अनूठे और सादगी भरे अंदाज में नजर आ रहे हैं. वह किसी आलीशान कार से नहीं, बल्कि खुद ऑटो रिक्शा (टुक-टुक) चलाकर भारत की सड़कों पर घूम रहे हैं. गुजरात के लिमड़ी में जब स्थानीय निवासी चिंतन मौर्य ने उनका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया, तो यह खबर तेजी से वायरल हो गई. चिंतन ने इंटरनेट पर पुष्टि की कि ऑटो चला रहे शख्स वास्तव में नॉर्वे के निर्वाचित मेयर ही हैं.
2,900 किमी का लंबा सफर: जैसलमेर से बंगाल तक का रोमांचक रोड ट्रिप
यह कोई अकेली यात्रा नहीं है, बल्कि दुनिया भर से आए 61 विदेशी पर्यटकों का एक बड़ा समूह है, जो 37 ऑटो रिक्शा में भारत भ्रमण पर निकला है. मेयर हेसजेविक ने जैसलमेर की अपनी एक फोटो शेयर करते हुए बताया कि वे अब तक लगभग 1,400 किलोमीटर का सफर तय कर चुके हैं. बंगाल के दक्षिणी छोर तक पहुंचने के लिए उन्हें अभी 2,900 किलोमीटर से ज्यादा दूरी और नापनी है. भारत के शहरों, कस्बों और गांवों को करीब से देखने का यह बेहद खास और रोमांचक रोड ट्रिप है.
टूटे शीशे और ढीले पुर्जे भी नहीं रोक सके कदम
ऑटो से भारत की सड़कों पर सफर करना किसी चुनौती से कम नहीं है. गोवा के रास्ते से गुजरते समय मेयर के ऑटो का एक साइड मिरर टूट गया और गाड़ी के कुछ हिस्से ढीले पड़ गए. इसके बावजूद उनका हौसला कम नहीं हुआ और उन्होंने मरम्मत कराकर यात्रा जारी रखी. सोशल मीडिया पर लोग उनके इस 'डाउन टू अर्थ' रवैये और जिजीविषा की जमकर तारीफ कर रहे हैं.
सिर्फ घूमना नहीं, सामाजिक भलाई और चैरिटी भी है मकसद
मेयर हेसजेविक ने अपनी पोस्ट में खुलासा किया कि इस लंबे सफर का मकसद केवल घूमना-फिरना नहीं है, बल्कि सामाजिक कार्यों के लिए फंड जुटाना भी है. इस यात्रा में शामिल सैलानी अलग-अलग चैरिटी के लिए चंदा इकट्ठा कर रहे हैं. खुद मेयर ने भी सीधे दान देकर लोगों से मदद के लिए एक लिंक साझा किया है. आम गाड़ियों और तय रास्तों से अलग हटकर ऑटो से भारत को समझने का यह विदेशी सैलानियों का अंदाज इंटरनेट पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है.









