पाकिस्तान में फिर भड़की महंगाई की आग, 390 रुपये के पार पहुंचा पेट्रोल
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहराते संकट के बीच पड़ोसी देश पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतें एक बार फिर उछल गई हैं. शनिवार 3 अक्टूबर को शहबाज सरकार ने तेल के दामों में फिर से बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया. जारी किए गए नए नोटिफिकेशन के मुताबिक पेट्रोल की कीमत में 2.10 रुपये और हाई-स्पीड डीजल (HSD) में 0.30 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है. इस ताजा संशोधन के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल 392.76 रुपये और डीजल 399.64 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है. हैरानी की बात यह है कि पाकिस्तानी सरकार आज भी प्रति लीटर पेट्रोल पर 114 रुपये और डीजल पर 100 रुपये सिर्फ टैक्स और ड्यूटी के रूप में वसूल रही है.
ऑल-टाइम हाई से मामूली राहत, लेकिन आम जनता बेहाल
हालांकि ये नई दरें अपने ऑल-टाइम हाई से थोड़ी कम जरूर हैं, लेकिन आम जनता की जेब पर इसका असर बेहद भारी पड़ रहा है. इस साल की शुरुआत में जब तनाव बढ़ा था, तब मार्च में 266 रुपये पर बिकने वाला पेट्रोल 3 अप्रैल को 458.41 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था. वहीं डीजल भी 281 रुपये से उछलकर 520.35 रुपये प्रति लीटर तक चला गया था. पाकिस्तान में रोजाना होने वाली 7 से 8 लाख टन ईंधन की खपत से सरकार को भारी राजस्व मिलता है, लेकिन पेट्रोल महंगा होने से मध्यम वर्ग का बजट बिगड़ गया है और डीजल के दाम बढ़ने से माल ढुलाई तथा परिवहन महंगा हो गया है.
ऊर्जा संकट से निपटने के लिए बाजार बंद और फ्यूल कोटे में कटौती
लगातार बढ़ते तेल संकट और महंगाई से निपटने के लिए पाकिस्तान सरकार को कई कड़े फैसले लेने पड़े हैं. देश भर में बिजली और ईंधन बचाने के लिए सभी बाजारों को रात 9 बजे तक बंद करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि सरकारी गाड़ियों के फ्यूल कोटे में अगले 3 महीनों के लिए 50 फीसदी की कटौती कर दी गई है. इसके अलावा, राहत देने के लिए मोटरसाइकिल, ऑटो और 800cc तक की गाड़ियों वालों के लिए एक विशेष योजना शुरू की गई है, जिसमें लाखों लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की अनिश्चितता को देखते हुए अब वहां रोजाना आधार पर पेट्रोल-डीजल की दरें तय की जा रही हैं.









