राहुल गांधी पर दर्ज FIR को लेकर कांग्रेस का केंद्र सरकार पर तीखा हमला
विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य नेताओं के खिलाफ हाल ही में दर्ज हुई एफआईआर को लेकर कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार पर जोरदार निशाना साधा है. पार्टी का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के कारण देश के करोड़ों नागरिक अपने वोट देने के बुनियादी हक से वंचित हो गए हैं. कांग्रेस का मानना है कि इस गड़बड़ी के विरोध में शांतिपूर्ण सत्याग्रह कर रहे विपक्षी नेताओं पर पुलिस केस दर्ज कराना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की गहरी बौखलाहट और निराशा को साफ तौर पर उजागर करता है.
'वोट चोरी' का मुद्दा और चुनाव आयोग की भूमिका
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और संचार विभाग के प्रमुख जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' के जरिए सरकार की नियत पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पिछले दो सालों से लगातार ठोस सबूतों के साथ देश के सामने यह बात रखते आ रहे हैं कि किस तरह चुनाव आयोग का सहारा लेकर आम जनता के वोटों में हेरफेर करने की कोशिश की जा रही है. रमेश का आरोप है कि एसआईआर के नाम पर चुनाव आयोग ने जिस तरह की प्रक्रिया अपनाई, उससे करोड़ों योग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से बाहर हो गए और उनसे उनका संवैधानिक अधिकार छीन लिया गया.
शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिसिया कार्रवाई से जुड़ी नाराजगी
जब राहुल गांधी ने इस चुनावी गड़बड़ी और नागरिकों के हक की आवाज को उठाने के लिए सत्याग्रह का रास्ता चुना, तो दिल्ली पुलिस ने उनके और साथी नेताओं पर प्राथमिकी दर्ज कर दी. कांग्रेस का कहना है कि यह कार्रवाई किसी कानूनी प्रक्रिया के तहत नहीं, बल्कि राजनीतिक बदले की भावना से की गई है. पार्टी के अनुसार, शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने का यह प्रयास दिखाता है कि सत्ता में बैठे शीर्ष नेता पूरी तरह घबराए हुए और असहज महसूस कर रहे हैं.
जयराम रमेश का मानना है कि अब देश के सामने पूरी तस्वीर बिल्कुल साफ हो चुकी है और आने वाले दिनों में जनता इस तानाशाही और दबाव की राजनीति का सही जवाब देगी.









