शारदीय नवरात्रि का चौथा दिन जगत जननी मां दुर्गा के चौथे स्वरूप यानी मां कूष्मांडा को समर्पित है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कूष्मांडा को भोग में मालपुए बेहद पसंद हैं. ऐसा माना जाता है कि माता को मालपुए का भोग लगाने से वे जल्दी प्रसन्न होती हैं और अपने सभी भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद भर देती हैं.
अगर आप भी इस पावन पर्व पर माता को भोग लगाने के लिए घर पर स्वादिष्ट और आसान मालपुए बनाना चाहते हैं, तो इसकी बहुत ही सरल रेसिपी यहां दी गई है:
मालपुए बनाने के लिए जरूरी सामग्री
- सिंघाड़े या राजगिरा का आटा - 1 कप
- पका हुआ केला - 1 (जिसे अच्छी तरह मैश कर लिया गया हो)
- दूध - आधा कप (घोल तैयार करने के लिए)
- इलायची पाउडर - आधा छोटा चम्मच
- चीनी - 1 कप (चाशनी बनाने के लिए)
- पानी - 1 कप
- देसी घी - मालपुए तलने के लिए
- कटे हुए मेवे (जैसे बादाम और पिस्ता) - सजावट के लिए
मालपुए बनाने की आसान विधि
- चाशनी तैयार करें: सबसे पहले एक बर्तन में एक कप चीनी और एक कप पानी डालकर गैस पर उबलने के लिए रख दें. इसे मध्यम आंच पर तब तक पकाएं जब तक चीनी पूरी तरह घुल न जाए और एक हल्की चिपचिपी चाशनी तैयार हो जाए. अब इसमें थोड़ी सी इलायची पाउडर डालकर खुशबू बढ़ाएं और गैस बंद कर दें.
- घोल (बैटर) बनाएं: एक बड़े बर्तन में सिंघाड़े का आटा लें और उसमें अच्छी तरह मैश किया हुआ केला मिला लें. केले का इस्तेमाल करने से मालपुए में बहुत अच्छी बाइंडिंग आती है, जिससे वे कड़ाही में डालते ही बिल्कुल नहीं फटते. अब इसमें थोड़ा-थोड़ा दूध मिलाते हुए एक चिकना घोल तैयार कर लें. इस बात का खास ख्याल रखें कि घोल में कोई गांठ न रहे और यह न तो बहुत ज्यादा गाढ़ा हो और न ही पानी की तरह पतला.
- मालपुए तलें: अब एक चौड़ी कड़ाही या चपटे तले वाले पैन में देसी घी गर्म करें. जब घी मीडियम गर्म हो जाए, तब एक बड़े चम्मच में घोल भरकर धीरे से पैन के बीचों-बीच डालें. इसे चम्मच से फैलाने की कोई जरूरत नहीं होती, यह अपने आप ही सही आकार ले लेता है.
- चाशनी में डुबोएं: जब मालपुआ एक तरफ से हल्का सुनहरा और किनारों से क्रिस्पी होने लगे, तो उसे बहुत सावधानी से पलट दें. दोनों तरफ से जब यह अच्छे से गोल्डन ब्राउन हो जाए, तो इसे कड़ाही से निकालकर सीधे हल्की गर्म चाशनी में डाल दें. मालपुओं को 2 से 3 मिनट तक चाशनी में ही डूबा रहने दें ताकि वे अंदर तक चाशनी को सोखकर रसीले और स्वादिष्ट बन जाएं.
अब तैयार किए गए इन रसीले मालपुओं को कटे हुए मेवे से सजाकर मां कूष्मांडा को भोग लगाएं.









