मुंबई: जैसे-जैसे सर्दी का सीजन परवान चढ़ रहा है, वैसे-वैसे हमारे वार्डरोब से भारी स्वेटर, स्कार्फ और कंबल बाहर आने लगे हैं। अक्सर देखा जाता है कि महंगे और पसंदीदा ऊनी कपड़े एक-दो सीजन के बाद ही अपनी चमक, कोमलता या आकार खो देते हैं। गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के ग्लोबल हेड (आरएंडडी - पर्सनल केयर और होम केयर) संदीप नायक के अनुसार, इसका मुख्य कारण कपड़ों का पुराना होना नहीं, बल्कि हमारी धुलाई, सुखाने और स्टोरेज से जुड़ी गलत आदतें हैं। ऊन एक प्राकृतिक रेशा है जो कपास या सिंथेटिक की तुलना में बहुत अलग व्यवहार करता है और इसे रसायनों व अत्यधिक रगड़ से बचाना अनिवार्य है।
संदीप नायक ने ऊनी कपड़ों की उम्र बढ़ाने के लिए इन 5 आदतों को तुरंत बदलने की सलाह दी है:
- जरूरत से ज्यादा धुलाई से बचें: ऊन की रासायनिक संरचना प्राकृतिक रूप से दुर्गंध और गंदगी का प्रतिरोध करती है। इसे हर बार पहनने के बाद धोने की आवश्यकता नहीं है। 5 या उससे अधिक बार पहनने के बाद ही इसे धोना पर्याप्त है। बार-बार धोने से इसके रेशों का लचीलापन कम हो जाता है।
- सख्त डिटर्जेंट का उपयोग न करें: सामान्य डिटर्जेंट में सोडा और कठोर रसायन होते हैं जो ऊन के प्रोटीन आधारित रेशों को कमजोर कर देते हैं। ऊनी कपड़ों के लिए हमेशा पीएच-न्यूट्रल और 'नो-सोडा' फॉर्मूले वाले डिटर्जेंट (जैसे गोदरेज ईज़ी) का उपयोग करना चाहिए, जो कोमलता बनाए रखते हैं।
- मशीन वॉश के सही तरीके: यह एक मिथक है कि ऊनी कपड़े मशीन में नहीं धोए जा सकते। संदीप नायक के अनुसार, फ्रंट-लोड मशीनों में 'वूल' या 'जेंटल' साइकिल और टॉप-लोड में 'डेलिकेट' साइकिल का उपयोग सुरक्षित है। हमेशा ठंडे पानी (20∘C - 30∘C) का उपयोग करें और कपड़ों को जालीदार मेश बैग में रखकर धोएं।
- ड्राई क्लीनिंग पर अत्यधिक निर्भरता: कठोर रसायनों के कारण बार-बार ड्राई क्लीनिंग कराना ऊन के टिकाऊपन को कम कर सकता है। अगर केयर लेबल अनुमति दे, तो घर पर कोमल धुलाई अधिक बेहतर विकल्प है।
- गलत स्टोरेज: भारी ऊनी कपड़ों को कभी भी हैंगर पर लटकाकर नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इससे उनका आकार बिगड़ जाता है और वे खिंच जाते हैं। उन्हें हमेशा तह करके (Fold) रखें। सीजन खत्म होने पर कपड़ों को बिना धोए पैक न करें और कीड़ों से बचाव के लिए नीम या लैवेंडर जैसे प्राकृतिक रिपेलेंट्स का उपयोग करें।
संदीप नायक के अनुसार, ऊन का खराब होना कोई अचानक होने वाली घटना नहीं, बल्कि हमारी नियमित आदतों का परिणाम है। यदि हम धुलाई के दौरान सही तापमान और सही डिटर्जेंट का संतुलन बनाए रखें, तो सर्दियों के कपड़ों को कई वर्षों तक नया जैसा रखा जा सकता है।







