डिजिटल पेमेंट करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने सभी UPI ऐप्स और पार्टनर बैंकों के लिए नया निर्देश जारी किया है. यह फैसला डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) नियमों के तहत लिया गया है, जिसका उद्देश्य यूजर्स की निजी जानकारी को पहले से ज्यादा सुरक्षित बनाना है. नए नियम के मुताबिक अब UPI ट्रांजैक्शन के दौरान किसी भी यूजर का पूरा मोबाइल नंबर दिखाई नहीं देगा. इस बदलाव को लागू करने के लिए सभी UPI प्लेटफॉर्म और बैंकों को 4 सितंबर तक का समय दिया गया है.
क्यों लिया गया यह फैसला
NPCI का कहना है कि डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ यूजर्स की प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी हो गया है. कई बार ट्रांजैक्शन के दौरान मोबाइल नंबर जैसी निजी जानकारी सामने आ जाती है, जिससे गोपनीयता पर असर पड़ सकता है. इसी वजह से अब ऐसे नियम लागू किए जा रहे हैं, जो यूजर्स की पहचान और निजी डेटा को सुरक्षित रखने में मदद करेंगे. खासतौर पर महिलाओं की सुरक्षा और प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए यह कदम अहम माना जा रहा है.
QR पेमेंट में क्या बदलेगा
नए निर्देश के अनुसार QR कोड स्कैन करके किए जाने वाले UPI ट्रांजैक्शन में सामने वाले व्यक्ति को पूरा मोबाइल नंबर नहीं दिखेगा. अब केवल मोबाइल नंबर के आखिरी चार अंक ही दिखाई देंगे. इससे भुगतान करने वाले और भुगतान प्राप्त करने वाले दोनों की निजी जानकारी पहले के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित रहेगी.
UPI ID को लेकर भी आया नया बदलाव
NPCI ने UPI ऐप्स को यह सुविधा देने के लिए भी कहा है कि यूजर चाहें तो मोबाइल नंबर आधारित UPI ID की जगह यूजरनेम आधारित UPI ID बना सकें. फिलहाल अधिकतर लोग अपने मोबाइल नंबर को ही UPI ID के रूप में इस्तेमाल करते हैं. नए विकल्प के आने से यूजर्स अपनी पहचान को और बेहतर तरीके से सुरक्षित रख सकेंगे.
यूजर्स को मिलेगा बेहतर डेटा प्रोटेक्शन
नए नियम लागू होने के बाद UPI ट्रांजैक्शन के दौरान मोबाइल नंबर, UPI ID और अन्य संवेदनशील जानकारी पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षित रहेगी. इससे ऑनलाइन भुगतान के दौरान डेटा लीक होने का खतरा कम होगा और डिजिटल पेमेंट सिस्टम पर लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा. आने वाले समय में यह बदलाव UPI यूजर्स के लिए प्राइवेसी और सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा कदम साबित हो सकता है.







