Fathers Day 2026: आज पूरा देश और दुनिया में फादर्स डे मनाया जा रहा है। यह दिन उस पिता के समर्पण, त्याग, परिश्रम और मार्गदर्शन को सलाम करने का है, जो खुद धूप में जलकर अपने परिवार को सुरक्षित छांव देता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मदर्स डे की तरह पिताओं को यह सार्वजनिक सम्मान दिलाने के पीछे एक बेटी की ज़िद और बड़ा संघर्ष छिपा हुआ है? आइए आपको बताते है इस दिन के शुरूआत की पूरी कहानी…
विलियम जैक्सन का त्याग
अमेरिका की रहने वाली सोनोरा स्मार्ट डोड के पिता विलियम जैक्सन स्मार्ट एक सिविल वॉर के सैनिक थे। उनकी पत्नी की मौत के बाद, विलियम ने अकेले ही अपने छह बच्चों की परवरिश की और उन्हें काबिल बनाया।
बेटी का संकल्प
पिता के इसी समर्पण और दिन-रात की कड़ी मेहनत को देखकर सोनोरा के मन में विचार आया कि दुनिया में जितना सम्मान माताओं को मदर्स डे पर मिलता है, उतना ही हक पिताओं का भी है। उन्होंने पिताओं को सम्मान दिलाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया। सोनोरा के पिता विलियम जैक्सन का जन्म जून के महीने में हुआ था। यही वजह थी कि उन्होंने जून महीने का चुनाव किया। धीरे-धीरे वक्त बदला और अमेरिका सहित पूरी दुनिया में जून का तीसरा रविवार फादर्स डे के रूप में मनाया जाने लगा।
व्हाइट हाउस से मिला दर्जा
हालांकि पहला आयोजन 1910 में हो गया था, लेकिन इसे राष्ट्रीय अवकाश का दर्जा मिलने में लंबा समय लगा। साल 1966 में अमेरिकी राष्ट्रपति लिंडन बी जॉनसन ने जून के तीसरे रविवार को फादर्स डे घोषित करने के आदेश पर दस्तखत किए। इसके बाद, 1972 में राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने इसे हमेशा के लिए एक राष्ट्रीय उत्सव के रूप में स्थापित कर दिया।
आज के इस सोशल मीडिया और डिजिटल दौर में यह दिन केवल एक तारीख नहीं, बल्कि पिता के उस निस्वार्थ साम्राज्य के प्रति सम्मान देने का सबसे बड़ा जरिया बन चुका है, जो बिना कुछ कहे पूरे परिवार की कमान अपने कंधों पर उठाए रखता है।









