Bihar Election Special: पटना/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ अबकी बार इतने बार? ये नारा कितना बेमानी लग रहा है, जब बिहार में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं। परंपरागत वोट बैंक माने जाने वाले नेता भी नहीं बता पा रहे हैं कि उनकी इतनी सीट आएगी, क्योंकि खुद को बिहार का बेटा बताने वाला, इलेक्शन मैनेंजमेंट करने वाला पीके यानी प्रशांति किशोर बिहार चुनाव में उतर चुका है। जन सुराज के नाम पर बिहार को रिझाने का उसका पूरा प्रयास है, हालांकि अन्य दल अपने पुराने वोटर्स के भरोसे पर हैं।
प्रशांत किशोर के साथ कई नामी चेहरे
पीके के साथ गणितज्ञ, नामी वकील, सामाजिक कार्यकर्ता नजर आ रहे हैं, प्रशांत किशोर ने अब तक 116 प्रत्याशियों का ऐलान किया है। इसमें कई जाने-माने चेहरे और प्रफेशनल्स भी शामिल हैं। वहीं किशोर ने बिहार के जातिगत समीकरणों का भी पूरा ध्यान रखा है। जेएसपी ने फेमस गणितज्ञ केसी सिन्हा को कुम्हरार से टिकट दिया है। कायस्थ आबादी की वजह से इस सीट पर बीजेपी की मजबूत पकड़ मानी जाती है। बीजेपी ने यहां वैश्य को, तो कांग्रेस ने ईबीसी को प्रत्याशी बनाया है। वहीं प्रशांत किशोर की नजर कायस्थ वोट पर है, जोकि प्रदेश में सबसे अमीर जाति है। करगहर सीट से प्रशांत किशोर ने भोजपुरी गायक रितेश पांडेय को उतारा है। वह एक ब्राह्मण चेहरे हैं। वहीं बीजेपी के पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना सहरसा से चुनाव लड़ेंगे।
प्रोफेशनल्स के साथ प्रशांत किशोर
जेएसपी पार्टी ने चुनावी मैदान में प्रोफेशनल्स पर भी कार्ड खेला है। पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की बेटी और सुप्रीम कोर्ट की वकील लता सिंह को अस्थवान सीट से टिकट दिया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की पोती जागृति ठाकुर मोरवा से मैदान में हैं, जोकि सियासत में बड़ा उलटफेर है, क्योंकि कर्पूरी ठाकुर बिहार का बहुत बड़ा नाम है। जन सुराज पार्टी ने उन्हें ईबीसी वोटर को लुभाने के लिए आगे किया है। इसके अलावा पूर्व आईपीएस अधिकारी जयप्रकाश सिंह को छपरा से, मटिहानी सीट से आईजीआईएमएस के डायरेक्टर डॉ. अरुण कुमार और मुजफ्फरपुर सीट से भौतिक वैज्ञानिक डॉ. अमित कुमार दास को टिकट दिया गया है। माझी सीट से सीनियर वकील वाईवी गिरि और भोरे से ट्रांसजेंडर कैंडिटेट प्रति किन्नर को मैदान में उतारा गया है, जिनके लिए देशभर के किन्नर समाज के लोग सीट पर आना शुरु हो चुके हैं।
जनसुराज का आह्वान
जन सुराज का कहना है कि वह राजनीति में नए और हाई प्रोफाइल चेहरों को लाना चाहती है। 116 उम्मीदवारों में से 31 ईबीसी समाज से, 21 ओबीसी और 21 अल्पसंख्यक समाज से हैं। सरफराज आलम समेत कई ऐसे चेहरे हैं जिन्हें अपनी पूर्व पार्टी से टिकट नहीं मिला था। लोकसभा के पूर्व सदस्य और बिहार विधानसभा की जोकीहाट सीट से चार बार के विधायक रहे सरफराज आलम गुरुवार को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से इस्तीफा देने के कुछ घंटों बाद प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी में शामिल हो गए। आलम सीमांचल क्षेत्र के दिवंगत राजद नेता तस्लीम उद्दीन के बेटे हैं, तो कुल मिलाकर प्रशांत किशोर ने बिहार के रण को रोचक बना दिया है।







