13 Officers Promoted IAS: मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा आईएएस संवर्ग में प्रमोट करने की कवायद तेज कर दी है। इस बार सूबे के 13 अधिकारियों को आईएएस अवार्ड किया जाएगा। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय को पदों की मंजूरी का प्रस्ताव भेजा था, जहां से हरी झंडी मिलने के बाद अब संघ लोक सेवा आयोग को विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक के लिए अंतिम प्रस्ताव भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
39 दावेदारों के नामों पर होगा मंथन
नियमों के मुताबिक, कुल 13 रिक्त पदों के लिए तीन गुना यानी 39 वरिष्ठ राप्रसे अधिकारियों के नामों के पैनल पर विचार किया जाएगा। विभागीय पदोन्नति समिति इन सभी अफसरों के पिछले वर्षों के गोपनीय चरित्रावली, सर्विस रिकॉर्ड, विभागीय जांच की स्थिति और उनके परफॉर्मेंस की समीक्षा करेगी। इसके बाद ही अंतिम 13 उपयुक्त नामों की सिफारिश की जाएगी।
इन अफसरों के नामों पर टिकी हैं निगाहें
इस बार की चयन प्रक्रिया में पूर्व में पदोन्नति से वंचित रह गए 1999 बैच के जयेन्द्र कुमार विजयवत, मनोज मालवीय और 2002 बैच के कमल चंद्र नागर के नामों पर फिर विचार किया जाएगा। इसके अलावा मिनिषा पांडे, इला तिवारी, नीता राठौर, शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, रानी पासी, रंजना देवड़ा, माधवी नागेन्द्र, वर्षा सोलंकी, प्रियंका गोयल, अभिषेक दुबे, नरोत्तम प्रसाद भार्गव, निधि सिंह राजपूत, निमिषा जायसवाल और संदीप सोनी सहित कुल 39 अधिकारियों के नाम शामिल हैं।
मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि यूपीएससी द्वारा राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस और राज्य पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नति के लिए एक साथ ही तिथियां निर्धारित की जा सकती हैं।
कैसे तय होगी अंतिम मुहर?
दिल्ली से यूपीएससी की तारीख तय होने के बाद भोपाल या दिल्ली में एक बैठक होगी। इसमें यूपीएससी के सदस्य, मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव और राज्य शासन के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति 39 अफसरों के रिकॉर्ड की जांच कर 13 नामों की सिफारिश करेगी। समिति की सिफारिश के आधार पर केंद्रीय कार्मिक विभाग द्वारा इन अधिकारियों को आईएएस कैडर अलॉट करने का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।







