सीएम मोहन यादव ने कहा कि रजिस्ट्री पर लगने वाली स्टाम्प ड्यूटी, पंजीयन शुल्क और अन्य सभी खर्चों का भुगतान हमारी सरकार करेगी। इस पर लगभग 10 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, लेकिन संपत्ति का मालिक आपको बनाया जाएगा। यह योजना गरीब से लेकर हर वर्ग के नागरिक के हित में है।
हमारी सरकार प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष मना रही है। हमारा उद्देश्य पूरे वर्ष किसानों की बेहतरी और उनकी आमदनी बढ़ाने के लिए काम करना है। इसी दिशा में हम दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दे रहे हैं। यदि कोई किसान 25 गाय या भैंस खरीदने के लिए बैंक से ऋण लेता है और इस पर लगभग ₹40 लाख खर्च होते हैं, तो हमारी सरकार उसे ₹10 लाख की सहायता देगी।
दूध उत्पादन बढ़ाने पर सीएम मोहन यादव का फोकस
किसान अपने घर गाय-भैंस लाएं, दूध का उत्पादन करें और उसे सहकारी समिति या अन्य माध्यमों से बेचें। दूध भी आपका होगा, पशु भी आपके होंगे और गोबर सहित उनसे मिलने वाले अन्य उत्पादों का लाभ भी आपको ही मिलेगा। हमारा प्रयास है कि खेती के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन के माध्यम से भी किसानों की आमदनी बढ़े और वे आर्थिक रूप से समृद्ध बनें।
हम अपने बच्चों को डॉक्टर, वकील और इंजीनियर बनाना चाहते हैं। इसके लिए उनकी शिक्षा की फीस भी हमारी सरकार भर रही है। जब बच्चे पढ़-लिखकर डॉक्टर बनेंगे और अपना नर्सिंग होम या अस्पताल खोलना चाहेंगे अथवा कोई अन्य व्यवसाय शुरू करना चाहेंगे, तब बैंक से ऋण लेने के लिए उन्हें रजिस्ट्री के दस्तावेज भी उपलब्ध होने चाहिए। इससे उन्हें आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
स्वामित्व योजना में 80 से 100% तक रजिस्ट्रियां पूरी
पूरे प्रदेश में जिन गांवों में 80 से 100% तक रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं, वहां हमने विधायकों को भेजा है। मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी इन गांवों में जाकर हितग्राहियों को दस्तावेज वितरित कर रहे हैं। यह अभियान यहीं समाप्त नहीं होगा, बल्कि लगातार जारी रहेगा।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि हमारा प्रयास है कि इस पूरी प्रक्रिया में हितग्राहियों को दस्तावेज प्राप्त करने के लिए एक रुपया भी खर्च न करना पड़े। मैं पटवारियों, तहसीलदारों और सभी संबंधित अधिकारियों को भी बधाई देना चाहता हूं, जिन्होंने अपनी कर्तव्यनिष्ठा से इस पूरे अभियान को निःशुल्क संचालित किया है।







