साल 2019 से शुरू हुई इस योजना के तहत मध्य प्रदेश के ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर बैकग्राउंड वाले 255 मेधावी स्टूडेंट्स को अब तक यूनिवर्सिटी में एडमिशन मिल चुका है।
सीहोर: वीआईटी भोपाल यूनिवर्सिटी अपने 7वें वार्षिक दीक्षांत समारोह (3 अक्टूबर 2026) के दौरान स्टार्स (सपोर्ट द एडवांसमेंट ऑफ रूरल स्टूडेंट्स) योजना के 31 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान करेगी। पास आउट हो रहे इस बैच के छात्रों ने इंजीनियरिंग, साइंस और मैनेजमेंट के अंडरग्रेजुएट व पोस्टग्रेजुएट कोर्स पूरे कर लिए हैं। इन प्रतिभाशाली छात्रों ने पे पल, ईवाई, पीडब्ल्यूसी, बॉश, टीसीएस और जेडएस एसोसिएट्स जैसी प्रतिष्ठित ग्लोबल कंपनियों में नौकरियां हासिल की हैं।
2019 से लगातार चल रहे इस खास प्रोग्राम के लिए यह एक और बड़ी उपलब्धि है। इसकी शुरुआत वीआईटी भोपाल यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. जी. विश्वनाथन की दूरदर्शी सोच के साथ हुई थी। बाद में असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट सुश्री कादंबरी एस. विश्वनाथन के मार्गदर्शन में इसका विस्तार मध्य प्रदेश के सभी जिलों में किया गया। योजना की शुरुआत से लेकर अब तक 255 मेधावी छात्रों को इसके तहत प्रवेश मिल चुका है।
यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट सुश्री कादंबरी एस. विश्वनाथन ने कहा, "किसी भी बच्चे की योग्यता परिस्थितियों की बंधक नहीं होनी चाहिए। हमारे देश के हर कोने में प्रतिभा भरी पड़ी है, लेकिन हर किसी को समान अवसर नहीं मिल पाते। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए पढ़ाई के रास्ते में केवल काबिलियत नहीं, बल्कि फीस, रहने और खाने का खर्च सबसे बड़ी रुकावट बनता है। 'स्टार्स' योजना का मकसद इसी दूरी को खत्म करना है। ये 31 ग्रेजुएट छात्र इस बात का सबूत हैं कि अगर रुकावटें हटा दी जाएं, तो प्रतिभा अपनी पहचान खुद बनाती है। वीआईटी भोपाल 2019 से इस दिशा में काम कर रहा है और आगे भी इसका दायरा बढ़ाया जाएगा।"
साल 2026 के ग्रेजुएटिंग छात्र कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायोटेक्नोलॉजी और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन जैसे विभागों से हैं। इनकी विशेषज्ञता साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, गेमिंग टेक्नोलॉजी, ई-कॉमर्स और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में है—ये वे एडवांस टेक्नोलॉजी फील्ड्स हैं, जहां तक पहुंच पाना ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चों के लिए अक्सर मुश्किल होता है।
अमन रहंगडाले (बी.टेक कंप्यूटर साइंस - गेमिंग टेक्नोलॉजी), प्लेसमेंट- पेपाल: "स्टार्स योजना ने मुझे बिना किसी वित्तीय चिंता के सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने का मौका दिया। फैकल्टी के मार्गदर्शन और यूनिवर्सिटी के प्रोत्साहन से मुझे पे पल जैसी बड़ी कंपनी में जॉब मिली।"
सारांश गुप्ता (बी.टेक इलेक्ट्रॉनिक्स - एआई एंड साइबरनेटिक्स), प्लेसमेंट- ईवाई: "वीआईटी भोपाल में बिताए सालों ने मेरी जिंदगी बदल दी। शिक्षकों और प्लेसमेंट टीम के लगातार सपोर्ट ने मेरे पर्सनल और प्रोफेशनल करियर को नई दिशा दी।"
हर जिले के टॉपर को मिलती है 100% स्कॉलरशिप: स्टार्स योजना की सोच यह है कि केवल फीस माफ कर देने से ग्रामीण छात्रों की समस्याएं खत्म नहीं होतीं, क्योंकि रहने, खाने और इलाज का खर्च भी एक बड़ी चुनौती होता है। इसी सोच के तहत मध्य प्रदेश के हर जिले के प्रथम स्थान (टॉपर) प्राप्त करने वाले एक छात्र और एक छात्रा को इस योजना का लाभ दिया जाता है। इसके तहत चयनित प्रत्येक छात्र को 100% ट्यूशन फीस माफी, मुफ्त हॉस्टल व मेस की सुविधा, स्वास्थ्य सेवाएं और व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।







