खबर digital News संवाददाता कटनी-- जिले में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई का दावा करने वाला आबकारी विभाग एक बार फिर छोटे स्तर की जब्ती को बड़ी उपलब्धि बताकर अपनी पीठ थपथपाता नजर आया। विभाग ने विभिन्न क्षेत्रों में दबिश देकर महज 52 पाव देशी शराब जब्त की और तीन प्रकरण दर्ज किए, लेकिन सवाल यह है कि जिले में खुलेआम चल रहे बड़े अवैध शराब कारोबारियों तक विभाग आखिर कब पहुंचेगा?जानकारों का कहना है कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से फल-फूल रहा है। इसके बावजूद कार्रवाई केवल छोटे विक्रेताओं तक सीमित दिखाई देती है। आबकारी विभाग द्वारा की गई ताजा कार्रवाई में न तो किसी बड़े तस्कर की गिरफ्तारी हुई और न ही किसी संगठित गिरोह का खुलासा हो सका।कलेक्टर के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के बीच विभाग ने कैंप, केरेन लाइन, रॉबर्ट लाइन, इमलिया, धपई और तखला क्षेत्रों में दबिश दी, लेकिन जब्ती की मात्रा इतनी कम रही कि कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले में कई स्थानों पर अवैध शराब का कारोबार लगातार जारी है, जिसकी जानकारी संबंधित विभागों को भी है। इसके बावजूद बड़ी मछलियों पर हाथ डालने के बजाय छोटी कार्रवाई कर आंकड़ों की खानापूर्ति की जा रही है।फिलहाल आबकारी विभाग ने आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रखने का दावा किया है, लेकिन जिले की जनता अब यह जानना चाहती है कि आखिर अवैध शराब के असली सरगनाओं तक कानून का हाथ कब पहुंचेगा।
कटनी से सौरभ श्रीवास्तव की रिपोर्ट mo. 9131308097









