डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ त्योहारी सीजन से पहले खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर प्रशासन ने अपने कडे तेवर दिखाने शुरू कर दिये है। आम लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले कारोबारियों पर नजर रखने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने डिंडौरी शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कई खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की। कार्रवाई के दौरान पुरानी डिंडौरी स्थित साहू किराना स्टोर से 41.7 लीटर संदिग्ध घी जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 30,405 रुपये बताई गई है।
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में खाद्य सुरक्षा टीम ने दूध और उससे बने उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया। बड़ी मात्रा में घी जब्त किए जाने की कार्रवाई के बाद मिलावट के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
एक दुकान से दो ब्रांड का 41.7 लीटर घी जब्त
जांच के दौरान टीम पुरानी डिंडौरी स्थित साहू किराना स्टोर पहुंची। दुकान की जांच में" डीएफ गोल्ड काउ घी" और" औषधा ब्रांड घी" मिला। गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर दोनों ब्रांड के घी की कुल 41.7 लीटर मात्रा जब्त कर ली गई।
जब्त घी की बाजार कीमत करीब 30 हजार 405 रुपये बताई गई है। हालांकि, घी वास्तव में मिलावटी है या नहीं, यह प्रयोगशाला जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल प्रशासन ने इसे संदिग्ध मानते हुए नमूने सुरक्षित कर लिए हैं।
भोपाल की प्रयोगशाला बताएगी घी की असली हकीकत
जब्त किए गए घी के नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजे जा रहे हैं। अब लोगों की नजर जांच रिपोर्ट पर रहेगी। यदि प्रयोगशाला जांच में घी में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी गंभीर गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। जांच अभियान का मुख्य उद्देश्य बाजार में बिक रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना है।
इन दुकानों पर भी पहुंची टीम
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने डिंडौरी शहर के अन्य प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया। भाई किशोर कुमार-मुकेश कुमार, मेन रोड, गुरु नानक किराना, पुरानी डिंडौरी और मीना सुपर बाजार, डिंडौरी में भी जांच की गई। टीम ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और बिक्री व्यवस्था को परखा तथा आवश्यक खाद्य पदार्थों के नमूने लिए। इस कार्रवाई से शहर के अन्य खाद्य कारोबारियों में भी हलचल देखने को मिली।
शहर के बाद गांवों में भी जांच
प्रशासन की कार्रवाई केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रही। ग्रामीण क्षेत्रों में भी किराना दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई।
नायब तहसीलदार समनापुर और कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी की संयुक्त टीम ने ग्राम मानिकपुर स्थित रोहित किराना स्टोर और समनापुर स्थित संजय किराना स्टोर सहित तीन प्रतिष्ठानों की जांच की।
टीम ने दुकानों में रखी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, पैकेजिंग और बिक्री के लिए उपलब्ध सामान का निरीक्षण किया।
मिलावट मिली तो होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण बात जांच रिपोर्ट को लेकर है। यदि भोपाल की प्रयोगशाला में लिए गए नमूनों में मिलावट की पुष्टि होती है तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
इस अभियान के दौरान एसडीएम डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन, तहसीलदार श्री शशांक शेण्डे सहित खाद्य सुरक्षा और आपूर्ति विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
लगातार जारी रहेगा जांच अभियान
प्रशासन ने साफ किया है कि लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी खाद्य सामग्री में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में भी खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच जारी रहने की बात कही गई है। फिलहाल 41.7 लीटर संदिग्ध घी की जब्ती ने बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना अहम होगा कि प्रयोगशाला जांच में घी की गुणवत्ता को लेकर क्या सच सामने आता है और रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन की अगली कार्रवाई क्या होती है।









