माफिया पर शिकंजा कसने के बड़े दावे, रात में भी छापों की तैयारी
खबर डिजिटल न्यूज़ रिपोर्टर कटनी-- वर्षों से जिले में अवैध खनन, ओवरलोडिंग और बिना नंबर प्लेट दौड़ते वाहनों पर उठते सवालों के बीच अब जिला प्रशासन ने खनिज माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है। कलेक्टर आशीष तिवारी की अध्यक्षता में हुई जिला टास्क फोर्स की बैठक में स्पष्ट संकेत दिए गए कि अब अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर चौतरफा प्रहार होगा
बैठक में अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए कि केवल कागजी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा।
ऐसी कार्रवाई हो जो नियम तोड़ने वालों में खौफ पैदा करे। प्रशासन ने रात के अंधेरे में भी संयुक्त टीमों की सरप्राइज रेड, ई-चेक पोस्टों पर कड़ी निगरानी और संवेदनशील खदानों की लगातार मॉनिटरिंग का फैसला लिया है।
स्टॉक की होगी पड़ताल, फर्जीवाड़े पर लगेगा ब्रेक?
खनिज भंडारण अनुज्ञप्तियों में दर्ज स्टॉक का मौके पर भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। ऑनलाइन रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक का मिलान होगा। नए भंडारण लाइसेंस के लिए वैध खनिज स्रोत, भूस्वामी की सहमति और आईबीएम का मिनरल ट्रेडिंग लाइसेंस अनिवार्य किया गया है।ओवरलोड और बिना नंबर प्लेट वाहनों पर सख्ती
अब क्षमता से अधिक खनिज ढोने वाले और बिना नंबर प्लेट चलने वाले वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा।नियमों का उल्लंघन मिलने पर वाहन जब्त कर राजसात की कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत मिलते ही छापा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन, परिवहन या भंडारण की शिकायत मिलते ही संयुक्त टीम मौके पर पहुंचेगी। कार्रवाई अचानक होगी ताकि अवैध कारोबार में शामिल लोगों को बच निकलने का अवसर न मिले।
बड़े सवाल अब भी बरकरार हालांकि प्रशासन की यह सख्ती स्वागत योग्य है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब लंबे समय से अवैध खनन, ओवरलोडिंग और नियमों की अनदेखी की शिकायतें सामने आती रही हैं, तब अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो सकी? क्या इस बार अभियान केवल बैठकों और निर्देशों तक सीमित रहेगा, या वास्तव में खनिज माफिया पर निर्णायक प्रहार होगा?
अब जिले की निगाहें प्रशासन की घोषणाओं पर नहीं, बल्कि जमीन पर दिखने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि रात के अंधेरे में भी छापे और राजसात की कार्रवाई लगातार हुई, तभी यह अभियान अपनी वास्तविक सफलता साबित कर सकेगा।







