Mohan Cabinet Expansion: मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार अब अपने कुनबे को नया स्वरूप देने की तैयारी में है। राजनैतिक हलकों से मिल रही जानकारी के अनुसार, सूबे में आगामी 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया संपन्न होते ही मोहन कैबिनेट का विस्तार और फेरबदल किया जाएगा। सूत्रों का दावा है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के दिल्ली दौरों के बाद भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय आलाकमान ने मंत्रिमंडल विस्तार के इस पूरे रोडमैप को हरी झंडी दे दी है। इस फेरबदल के जरिए जहां 4 नए विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है, वहीं खराब परफॉर्मेंस वाले कुछ वर्तमान मंत्रियों पर गाज गिरना भी तय माना जा रहा है।
मोदी-शाह और नवीन के साथ नाम फाइनल
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ मंथन कर नए सिपहसालारों की सूची को अंतिम रूप दे दिया है।
ये 4 विधायक बनेंगे मंत्री!
गोपाल भार्गव: बुंदेलखंड के कद्दावर नेता और सदन के सबसे वरिष्ठ विधायक, जिनकी कैबिनेट में एक बार फिर धमाकेदार वापसी के संकेत हैं।
रामेश्वर शर्मा: राजधानी भोपाल की हुजूर सीट से फायरब्रांड विधायक, जिन्हें संगठन और सत्ता में बड़ा संतुलन बनाने के लिए मौका दिया जा सकता है।
अभिजीत शाह: आदिवासी अंचल से आने वाले और छिंदवाड़ा जिले की राजनीति के प्रमुख चेहरे के रूप में इनकी दावेदारी बेहद मजबूत मानी जा रही है।
एक महिला विधायक की एंट्री: महिला वोटबैंक को साधने और सोशल इंजीनियरिंग के तहत महाकौशल या विंध्य क्षेत्र से एक कद्दावर महिला विधायक को भी राज्यमंत्री या कैबिनेट मंत्री का प्रभार सौंपा जाना लगभग तय है।
कई मंत्रियों की होगी विदाई!
इस कैबिनेट विस्तार की सबसे चौंकाने वाली बात केवल नए चेहरों की एंट्री नहीं है, बल्कि कुछ वर्तमान मंत्रियों की विदाई भी तय मानी जा रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री सचिवालय और संगठन द्वारा मंत्रियों के विभागों के कामकाज और जनता के बीच उनकी छवि को लेकर एक इंटरनल सर्वे कराया गया था। सूत्रों का कहना है कि जिन मंत्रियों का परफॉर्मेंस असंतोषजनक पाया गया है, उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है या फिर उनके महत्वपूर्ण विभागों को छीनकर छोटे विभागों में ट्रांसफर किया जा सकता है।
18 जून के बाद होगा शपथ ग्रहण!
मध्य प्रदेश विधानसभा के मौजूदा आंकड़ों के लिहाज से कैबिनेट में वर्तमान में 4 पद खाली पड़े हैं, जिन्हें भरने के लिए लंबे समय से क्षेत्रीय और जातीय संतुलन बिठाने की कोशिशें चल रही थीं। 18 को राज्यसभा की सीटों के लिए होने वाली वोटिंग और नतीजों के तुरंत बाद राजभवन से कभी भी नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण का आमंत्रण पत्र जारी हो सकता है। इस महा-बदलाव की आहट ने विधायकों के बंगलों तक धड़कनें बढ़ा दी हैं।









