Nigam Mandal Breaking: मध्य प्रदेश में निगम-मंडलों और प्राधिकरणों में करीब डेढ़ साल से खाली पड़े पदों को भरना शुरू हो गया है। हाल ही में हुई कुछ नियुक्तियों के बाद अब कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार जल्द ही 40 से अधिक संस्थानों के लिए अगली सूची जारी कर सकती है। इस बार की सूची में न केवल अनुभव को तवज्जो दी जा रही है, बल्कि क्षेत्रीय और गुटीय संतुलन को साधकर गुटबाजी पर लगाम लगाने की भी कोशिश है।
अनुभवी चेहरों पर फिर भरोसा
पार्टी के रणनीतिकारों ने यह साफ संकेत दे दिया है कि पुराने और कद्दावर नेताओं को हाशिए पर नहीं रखा जाएगा। जयभान सिंह पवैया को वित्त आयोग की कमान सौंपना इसी रणनीति का हिस्सा था। अब अगली फेहरिस्त में कई ऐसे नाम हैं जो लंबे समय से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
इनकी खुलेगी लॉटरी (संभावित नाम)
युवा आयोग: प्रवीण शर्मा
ओरछा विकास प्राधिकरण: अखिलेश अयाची
वित्त विकास निगम: दीपक सक्सेना
पूर्वमंत्री और कद्दावर नेता
अरविंद भदौरिया
उमाशंकर गुप्ता
कमल पटेल
रामपाल सिंह
अचल सोनकर
इमरती देवी
ध्रुव नारायण सिंह
मौजूदा विधायक
विधायक अभिलाष पांडे
विधायक आशीष शर्मा
विधायक अजय विश्नोई
विधायक शैलेंद्र जैन
विधायक प्रदीप लारिया
परफेक्ट बैलेंस की कवायद
मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की कार्यशैली से एक बात साफ हो गई है कि वे पार्टी के अंदर किसी भी प्रकार की खींचतान को जगह नहीं देना चाहते। नियुक्तियों के जरिए यह संदेश दिया जा रहा है कि वफादारी और अनुभव को सम्मान मिलेगा। इस सूची में उन नेताओं को भी जगह मिलने की संभावना है, जो कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं।









