जबलपुर/खबर डिजिटल/ मनीष तिवारी/ ayodhya chori kand अयोध्या राम मंदिर में काले पत्थर की मूर्ति और चंदा चोरी को लेकर दिए गए बयानों पर पलटवार करते हुए मंत्री पहलाद पटेल ने तंज कसते हुए कहा कि जिन्हें लगता है कि भगवान श्री राम की मूर्ति केवल सफेद संगमरमर की होनी चाहिए और काली मूर्ति का आना एक श्राप है, उन्हें पहले बाकी लोगों से विमर्श करना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए सलाह दी कि शास्त्रार्थ कभी भी एकतरफा नहीं होता, इसलिए उन्हें या तो राजनीतिक भाषा बोलनी चाहिए या फिर शास्त्र की।
ग्रामीण विकास मंत्री पहलाद पटेल ने आगे चुटकी लेते हुए कहा कि चूंकि देवशयनी एकादशी आ रही है और यह चतुर्मास का समय है, इसलिए दिग्विजय सिंह जी को एक जगह शांति से बैठकर चतुर्मास करना चाहिए। चतुर्मास में ज्ञान का आदान-प्रदान होता है, और इसके बाद ही उनसे बात करने का असली मज़ा आएगा। जब महाकाल मंदिर के चंदे से आरएसएस का गेस्ट हाउस बनने के आरोपों पर उनसे सवाल पूछा गया, तो उन्होंने हँसते हुए कहा कि उन्हें खुद नहीं पता होता कि वे कब और क्या बोल देते हैं।









