MP Transfer 2026: मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए शिक्षकों की नई स्थानांतरण नीति का आधिकारिक खाका तैयार कर लिया है। इस बार विभाग ने ट्रांसफर चाहने वाले गुरुजी लोगों के लिए एक कड़ा और अनिवार्य नियम लागू किया है। नई नीति के मुताबिक, अब केवल उन्हीं शिक्षकों के तबादले के आवेदनों पर विचार किया जाएगा, जिनकी स्कूलों में कम से कम 90 फीसदी या उससे अधिक ई-अटेंडेंस दर्ज होगी। जिन शिक्षकों की डिजिटल हाजिरी इस आंकड़े से एक प्रतिशत भी कम रही, वे इस साल की ट्रांसफर प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे।
पोर्टल पर एंट्री शुरू
स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इस नीति को लागू करने के लिए जिला और संकुल स्तर पर दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। दरअसल, मई महीने और जून के शुरुआती सप्ताह में सरकारी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहा है, इसलिए विभाग ने साफ किया है कि योग्यता का निर्धारण अप्रैल 2026 तक के अटेंडेंस रिकॉर्ड के आधार पर ही किया जाएगा। विभाग ने एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि 90 फीसदी से कम ई-अटेंडेंस वाले और संविलियन की 3 साल की अनिवार्य सेवा अवधि पूरी न करने वाले शिक्षकों की पूरी सूची तैयार कर उसे एजुकेशन पोर्टल पर दर्ज किया जाए।
58 हजार शिक्षकों के तबादले होल्ड
नई नीति के बीच लोक शिक्षण आयुक्त कार्यालय से निकला एक और आदेश हजारों शिक्षकों के लिए मायूसी लेकर आया है। सरकार ने प्रदेश के करीब 58 हजार शिक्षकों के ट्रांसफर्स को होल्ड पर डाल दिया है। इन शिक्षकों की ड्यूटी राष्ट्रीय जनगणना कार्य में लगाई गई है। जारी पत्र के अनुसार, फरवरी 2027 तक इन 58 हजार शिक्षकों का ट्रांसफर किसी भी परिस्थिति में नहीं किया जाएगा। इसके अलावा हर स्कूल के एक-एक स्टाफ का पूरा ब्योरा शिक्षा पोर्टल पर अपलोड करने की अंतिम तारीख 1 जून 2026 तय की गई थी, जिसके आधार पर अब यह पूरी रोक प्रभावी हो चुकी है। फरवरी 2027 के बाद विभाग इन शिक्षकों के लिए अलग से एक विशेष नीति लाने पर विचार कर सकता है।









