Balram Krishi Mahotsav Sidhi: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सीधी बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित करते हुए किसानों को आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ दुग्ध पर फोकस करने और फसल समर्थन मूल्य पर देने के लिए समय रहते पंजीयन कराने का सुझाव दिया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि किसान भाइयों को दिन में ही 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। किसानों द्वारा लिए गए कृषि ऋण को चुकाने की व्यवस्था भी उनकी सहूलियत की अनुसार की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीधी में पिछले 6 महीनों में महिला समूहों ने 24 क्विंटल महुआ लड्डू और 5 क्विंटल महुआ बिस्किट बेचकर करीब 13 लाख रुपए की आमदनी अर्जित की है। इस उपलब्धि के लिए महिला उद्यमी बधाई की पात्र हैं।
किसान नवाचार और तकनीक अपना रहे हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीधी के किसान नवाचार और तकनीक अपना रहे हैं। जिले में धान, गेहूं, सरसों, चना, तिल और अरहर जैसी प्रमुख फसलों के साथ फल और सब्जियों का भी उत्पादन हो रहा है।
टमाटर उत्पादन में सीधी की अपनी अलग ही पहचान है। प्याज, आलू, भिंडी, खीरा और बैंगन जैसी सब्जियों के साथ-साथ कटहल, कलमी आम, ग्राफ्टेड अमरूद, कलमी नींबू, फूलगोभी और चुकंदर जैसी उन्नत फसलों में मल्चिंग और ड्रिप सिंचाई को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे पानी की बचत के साथ पैदावार भी बढ़ रही है।
खेती-किसानी के साथ-साथ पर्यटन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सीधी जिले में आदिशक्ति के अनेक पावन धाम हैं, प्रदेशवासियों पर सबकी कृपा बनी रहे, यही कामना है। जनजातीय संस्कृति से सजे सीधी की संभावनाओं की लिस्ट बहुत लंबी है। खेती-किसानी के साथ-साथ पर्यटन, दरी कारीगरी, प्रकृति के वैभव और लोक संस्कृति यहां की रीढ़ है।
पंजा दरी कारीगरों ने अपनी मेहनत और कला के दम पर सीधी को नई पहचान दी है। सीधी जिला कालीन बुनकरों का घर है, पंजा दरी विश्व प्रसिद्ध है, इसकी डिमांड विदेश तक है। पंजा दरी और कालीन हथकरघा उत्पादों को 'एक जिला-एक उत्पाद' के तहत बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रामपुर नैकिन के भरतपुर गांव में हथकरघा और आकर्षक खादी परिधान बनाने की इकाई भी संचालित है। इससे स्थानीय कारीगरों को आय के अवसर मिल रहे हैं।









