उमरिया/केजी पांडेय/ खबर डिजिटल/ मध्य प्रदेश का विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व एक बार फिर अपनी बाघों की विरासत को दूसरे राज्यों में साझा करने के लिए तैयार है। बांधवगढ़ के घने जंगलों से एक 4 वर्षीय स्वस्थ युवा बाघिन को रेस्क्यू किया गया है, जिसे जल्द ही राजस्थान के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किया जाएगा। यह कदम बाघों के कुनबे को बढ़ाने और आनुवंशिक विविधता को बनाए रखने के अंतर-राज्यीय स्थानांतरण कार्यक्रम के तहत उठाया गया है।
दमना बीट से हुआ सफल रेस्क्यू
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आरएफ-327 दमना बीट के जंगलों में वन विभाग की विशेष टीम ने सर्चिंग ऑपरेशन चलाया। विशेषज्ञों और डॉक्टरों की मौजूदगी में बाघिन को सफलतापूर्वक ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू किया गया। शुरुआती जांच में बाघिन पूरी तरह स्वस्थ और सक्रिय पाई गई है। रेस्क्यू के तुरंत बाद उसे बांधवगढ़ के ही बहेरहा इंक्लोजर में सुरक्षित छोड़ दिया गया है।
एक सप्ताह तक चलेगी 'सॉफ्ट रिलीज' की प्रक्रिया
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि बाघिन को सीधे राजस्थान नहीं भेजा जाएगा। प्रोटोकॉल के तहत उसे लगभग एक सप्ताह तक इंक्लोजर में रखकर उसकी कड़ी निगरानी की जाएगी। इस दौरान वन्यजीव विशेषज्ञ यह सुनिश्चित करेंगे कि बाघिन के व्यवहार और स्वास्थ्य पर रेस्क्यू का कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़ा हो। इंक्लोजर में बाघिन को उसकी प्राकृतिक खुराक दी जा रही है ताकि वह पूरी तरह ऊर्जावान बनी रहे।
हेलीकॉप्टर से होगा बाघिन का एयरलिफ्ट
यह स्थानांतरण बेहद खास होने वाला है। सभी वैधानिक और तकनीकी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, बाघिन को सड़क मार्ग के बजाय हेलीकॉप्टर के माध्यम से मुकुंदरा टाइगर रिजर्व भेजा जाएगा। लंबी दूरी के सफर में बाघिन को होने वाले तनाव को कम करने के लिए वायुमार्ग का विकल्प चुना गया है। मुकुंदरा की टीम भी बांधवगढ़ पहुंच चुकी है और स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रही है। राजस्थान के जंगलों में इस नई बाघिन की मौजूदगी से वहां बाघों की आबादी बढ़ने की नई उम्मीदें जाग गई हैं।









