भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली भोपाल-आगरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से औपचारिक मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आई है। करीब 15 हजार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना से दोनों राज्यों के बीच आवागमन तेज होने के साथ व्यापार, उद्योग और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बुंदेलखंड से एनसीआर तक मजबूत होगी कनेक्टिविटी
प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे से बुंदेलखंड के दूरदराज इलाकों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) से बेहतर सड़क संपर्क मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों के मुताबिक, नए कॉरिडोर के बनने से माल परिवहन का समय और लागत दोनों कम हो सकते हैं। इसका सीधा फायदा स्थानीय व्यापारियों, किसानों और कृषि उत्पादकों को बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने में मिल सकता है। एक्सप्रेस-वे के आसपास औद्योगिक गतिविधियों और नए औद्योगिक गलियारों के विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य
परियोजना से जुड़े भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय मंजूरी और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर काम अलग-अलग चरणों में चलने की बात कही गई है। प्रस्तावित कॉरिडोर को आधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। एक्सप्रेस-वे पर ऑटोमेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका उद्देश्य यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना है। निर्माण कार्य को करीब तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
15 हजार करोड़ की लागत, 7 घंटे में भोपाल से आगरा पहुंचने का दावा
प्रस्तावित फोरलेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की अनुमानित लागत करीब 15,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके तैयार होने के बाद भोपाल से आगरा के बीच यात्रा का समय मौजूदा करीब 12-13 घंटे से घटकर लगभग 7 घंटे रह जाने का दावा किया जा रहा है।
किन इलाकों से गुजरेगा एक्सप्रेस-वे?
प्रस्तावित रूट के तहत एक्सप्रेस-वे मध्य प्रदेश के विदिशा और सागर सहित बुंदेलखंड क्षेत्र के हिस्सों को जोड़ेगा और आगे उत्तर प्रदेश की सीमा में महोबा और झांसी क्षेत्र से कनेक्टिविटी स्थापित करेगा। इससे रास्ते में आने वाले सैकड़ों गांवों और कस्बों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बेहतर सड़क नेटवर्क का लाभ मिलने की संभावना है।
यात्रियों के लिए मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
एक्सप्रेस-वे पर यात्रियों और वाहन चालकों की सुविधा के लिए कई आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित करने की योजना है। इनमें:
विश्राम स्थल और वे-साइड सुविधाएं
ई-वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन
आपातकालीन चिकित्सा केंद्र
लॉजिस्टिक्स पार्क
आधुनिक यातायात प्रबंधन प्रणाली
जैसी सुविधाएं शामिल की जा सकती हैं।
व्यापार और पर्यटन को मिलेगा फायदा
भोपाल से आगरा के बीच तेज सड़क कनेक्टिविटी बनने से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों के बीच व्यापारिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से कृषि उत्पादों की आवाजाही आसान होने के साथ बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक निवेश को भी गति मिल सकती है। इसके अलावा आगरा के पर्यटन केंद्रों और मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने से पर्यटन क्षेत्र को भी फायदा मिलने की संभावना है।
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