भोपाल और लखनऊ के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए जल्द बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है. रेलवे ने भोपाल रेल मंडल के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, जिसके बाद दोनों शहरों के बीच स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी तेज हो गई है. माना जा रहा है कि अगस्त में इसकी आधिकारिक घोषणा हो सकती है. नई ट्रेन शुरू होने के बाद यात्रियों का सफर पहले की तुलना में काफी तेज और आरामदायक हो जाएगा.
12 घंटे की जगह सिर्फ 8 घंटे में पूरा होगा सफर
फिलहाल भोपाल से लखनऊ जाने वाली ट्रेनों को करीब 12 घंटे का समय लगता है. नई वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू होने के बाद यही दूरी लगभग 8 घंटे में पूरी हो सकेगी. सबसे खास बात यह है कि यह सामान्य चेयरकार वंदे भारत नहीं होगी, बल्कि स्लीपर कोच वाली ट्रेन होगी. इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को रात में आराम से सोकर सफर करने की सुविधा मिलेगी.
20 कोच के साथ चलेगी नई ट्रेन
रेलवे ने शुरुआत में इस ट्रेन को 16 कोच के साथ चलाने की योजना बनाई थी, लेकिन संभावित यात्रियों की संख्या को देखते हुए अब इसे 20 कोच के साथ संचालित करने की तैयारी की जा रही है. इससे अधिक यात्रियों को एक साथ यात्रा करने का मौका मिलेगा और वेटिंग की समस्या भी कम होगी.
अगस्त में जारी हो सकता है शेड्यूल
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अगस्त महीने में इस ट्रेन की समय-सारिणी, किराया और स्टॉपेज की आधिकारिक जानकारी जारी की जा सकती है. इसके बाद टिकट बुकिंग भी शुरू होने की उम्मीद है. यह ट्रेन आधुनिक सुविधाओं और हाई स्पीड तकनीक से लैस होगी, जिससे यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा.
पिट लाइन बनने के बाद मिलेगा नया रैक
नई वंदे भारत ट्रेन के संचालन में देरी की एक वजह रानी कमलापति रेलवे स्टेशन की पिट लाइन भी है. फिलहाल यहां उपलब्ध दो पिट लाइन मौजूदा ट्रेनों के रखरखाव के लिए ही पर्याप्त नहीं हैं. रेलवे नई पिट लाइन का निर्माण करा रहा है. इसके पूरा होते ही भोपाल को नया वंदे भारत रैक आवंटित कर दिया जाएगा और ट्रेन का संचालन शुरू हो सकेगा.
मध्य प्रदेश में पहले से चल रही हैं 5 वंदे भारत ट्रेनें
वर्तमान में मध्य प्रदेश से पांच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन हो रहा है. इनमें रानी कमलापति-हजरत निजामुद्दीन, इंदौर-नागपुर, रीवा-रानी कमलापति, खजुराहो-हजरत निजामुद्दीन और खजुराहो-वाराणसी रूट शामिल हैं. नई भोपाल-लखनऊ स्लीपर वंदे भारत शुरू होने के बाद प्रदेश की रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी. यात्री टिकट बुकिंग, किराया और समय-सारिणी की जानकारी आईआरसीटीसी के आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर देख सकेंगे.









