दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी प्रदर्शन की समीक्षा शुरू कर दी है. पार्टी ने हार के कारणों की गहराई से जांच करने के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया है. इस समिति का काम चुनाव परिणाम को प्रभावित करने वाले सभी पहलुओं का अध्ययन करना और अपनी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपना होगा. माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर संगठन में आगे की रणनीति तय की जाएगी.
दो वरिष्ठ नेताओं को सौंपी गई जिम्मेदारी
प्रदेश भाजपा की ओर से जारी आदेश के अनुसार, प्रदेश महामंत्री गौरव रणदीवे और वरिष्ठ नेता अंबाराम कराड़ा को इस जांच समिति में शामिल किया गया है. दोनों नेताओं को चुनाव से जुड़े संगठन के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से अलग-अलग मुलाकात कर फीडबैक जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है. समिति यह समझने की कोशिश करेगी कि किन वजहों से पार्टी को उपचुनाव में हार का सामना करना पड़ा.
हर पहलू की होगी गहन समीक्षा
जानकारी के अनुसार समिति सिर्फ चुनावी नतीजों का विश्लेषण ही नहीं करेगी, बल्कि संगठन की कार्यशैली, चुनाव प्रचार की रणनीति, स्थानीय राजनीतिक समीकरण और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय जैसे मुद्दों की भी विस्तार से जांच करेगी. इसके अलावा यदि कहीं अंदरूनी मतभेद या भितरघात जैसी स्थिति सामने आती है तो उसे भी रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा.
प्रदेश अध्यक्ष को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
समिति सभी पक्षों से बातचीत और तथ्यों का विश्लेषण करने के बाद अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को सौंपेगी. इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर संगठनात्मक स्तर पर जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं. पार्टी का उद्देश्य सिर्फ हार के कारणों की पहचान करना नहीं, बल्कि भविष्य के चुनावों में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए मजबूत रणनीति तैयार करना भी है.









