BJP Leader Resigns: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के गृह क्षेत्र गुना में भारतीय जनता पार्टी की आंतरिक कलह और गुटबाजी का एक बड़ा मामला समाने आया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला महामंत्री चंद्रपाल किरार ने सोमवार को अपने पद से अचानक इस्तीफा देकर स्थानीय सियासत में हड़कंप मचा दिया है। किरार ने अपना त्यागपत्र भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सिकरवार को भेजा है, जिसमें उन्होंने संगठन पर गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं।
सिंधिया बनाम केपी यादव
दरअसल, गुना भाजपा में पिछले काफी समय से सोशल मीडिया पर गुटीय जंग चल रही थी। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष केपी यादव के समर्थकों के बीच फेसबुक और व्हाट्सएप पर एक-दूसरे के खिलाफ तीखी बयानबाजी का दौर जारी था। इसी को लेकर पार्टी की छवि खराब होते देख स्थानीय संगठन जिला महामंत्री रवींद्र रघुवंशी ने पार्टी संगठन के निर्देश पर 16 मई को चंद्रपाल किरार को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नोटिस में आरोप लगाया गया था कि किरार लगातार सोशल मीडिया पर पार्टी विरोधी और अमर्यादित टिप्पणियां कर रहे हैं। संगठन ने उन्हें अपना रुख साफ करने के लिए 3 दिन का समय दिया था।
नोटिस बदले इस्तीफा
चंद्रपाल किरार ने संगठन के नोटिस का लिखित जबाव देने के बजाय सीधे अपने पद से इस्तीफा देने का रास्ता चुना। हालांकि, अपने पत्र में उन्होंने सोशल मीडिया पर जानबूझकर पार्टी विरोधी बातें लिखने के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। किरार ने लिखा कि उन्होंने ऐसी कोई पोस्ट नहीं की जिससे भाजपा की छवि खराब हो, फिर भी यदि अनजाने में कोई त्रुटि हुई हो तो वे क्षमाप्रार्थी हैं।
लगाए गंभीर आरोप
इस्तीफा देने के साथ ही चंद्रपाल किरार ने गुना भाजपा संगठन पर कई आरोप मढ़े हैं। किरार का आरोप है कि पिछले तीन वर्षों से जिले की कोर कमेटियों और बैठकों में उन्हें जानबूझकर नहीं बुलाया जा रहा था। पार्टी के बड़े और स्थानीय आयोजनों से भी उन्हें दूर रखा जाता था और कोई जानकारी साझा नहीं की जाती थी। उन्होंने आगे कहा कि लगातार हो रही उपेक्षा के कारण उनके आत्मसम्मान को गहरी ठेस पहुंची है, जिसके चलते पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं रह गया था।









