भाजपा के प्रदेश संगठन में इन दिनों बड़े बदलाव की तैयारी तेज हो गई है. प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में संगठन को ज्यादा प्रभावी और सक्रिय बनाने की दिशा में काम चल रहा है. इसी के तहत प्रदेश कार्यसमिति के आकार को छोटा करने का प्रस्ताव गंभीरता से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि कामकाज में तेजी और बेहतर समन्वय लाया जा सके.
कार्यसमिति के ढांचे में बड़ा बदलाव
सूत्रों के मुताबिक, काफी समय बाद कार्यसमिति के ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. मौजूदा स्थिति में 62 संगठनात्मक जिलों में कुल 463 सदस्य शामिल हैं. इनमें 187 प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, 52 स्थायी आमंत्रित और 224 विशेष आमंत्रित सदस्य हैं. अब जो नई योजना तैयार की जा रही है, उसके तहत इस पूरी संख्या को घटाकर करीब 106 तक सीमित करने की तैयारी है. इसका मकसद संगठन को अधिक चुस्त और परिणाम देने वाला बनाना बताया जा रहा है.
नया फार्मूला तैयार
सिर्फ कुल संख्या ही नहीं, बल्कि विशेष आमंत्रित सदस्यों को लेकर भी नया फार्मूला तैयार किया गया है. प्रस्ताव है कि इनकी संख्या कुल सदस्यों के 30 प्रतिशत से ज्यादा न हो. इससे संगठन में संतुलन बना रहेगा और जिम्मेदारियों का बंटवारा भी ज्यादा स्पष्ट हो सकेगा. माना जा रहा है कि इस बदलाव से निर्णय लेने की प्रक्रिया भी पहले से ज्यादा तेज और प्रभावी हो जाएगी.
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में नए ढाचे की तैयारी
ओरछा में होने वाली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक से पहले ही इस नए ढांचे को लागू करने की कवायद तेज कर दी गई है. संगठन इस बार नए प्रयोग के जरिए खुद को ज्यादा मजबूत और सक्रिय बनाना चाहता है. सबसे खास बात यह सामने आ रही है कि नई कार्यसमिति में लगभग 75 प्रतिशत नए चेहरों को जगह मिल सकती है. इससे संगठन में नई सोच और ऊर्जा आने की उम्मीद जताई जा रही है. कुल मिलाकर भाजपा प्रदेश संगठन एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है, जहां पुराने ढांचे की जगह एक ज्यादा कॉम्पैक्ट और प्रभावी टीम तैयार करने की कोशिश की जा रही है, जो आने वाले समय में पार्टी के लक्ष्यों को बेहतर तरीके से हासिल कर सके.









