डिंडौरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ डिंडोरी जिले में परिवहन नियमों को ताक पर रखकर पुरानी बसों को कबाड़ में तब्दील करने का एक बड़ा खेल सामने आया है। चर्चा है कि पड़ोसी जिलों से लाई जा रही इन बसों पर लाखों रुपये का टैक्स बकाया है, जिसे चुकाए बिना ही इन्हें चोरी-छिपे काटा जा रहा है। जानकारों का कहना है कि यदि इन आरोपों की सही तरीके से जांच की जाए, तो सरकार को लाखों रुपये के राजस्व के नुकसान का पर्दाफाश हो सकता है। स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मिली जानकारी के अनुसार, डिंडोरी के विक्रमपुर क्षेत्र में स्थित एक कबाड़ कारोबारी के ठिकाने पर इन दिनों शहडोल, उमरिया और अन्य पड़ोसी जिलों से भारी संख्या में पुरानी बसें लाई गई हैं। बताया जा रहा है कि इस समय मौके पर एक दर्जन से अधिक बसें खड़ी हैं, जिन्हें कबाड़ में काटने की तैयारी चल रही है। इनमें से अधिकांश बसों के पास परिवहन विभाग से मिलने वाला जरूरी दस्तावेज यानी अनापत्ति प्रमाण पत्र तक नहीं है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि विक्रमपुर और उसके आस-पास के इलाकों में कबाड़ का अवैध धंधा बहुत तेजी से बढ़ रहा है। मिली जानकारी के अनुसार हालत यह है कि यहाँ गाड़ियों के अलावा अन्य चोरी के सामान को भी आसानी से खपा दिया जाता है।
कानून और परिवहन विभाग की तय प्रक्रिया के मुताबिक, किसी भी व्यावसायिक गाड़ी या बस को कबाड़ में बेचने या स्क्रैप घोषित करने से पहले उसके सारे टैक्स जमा करने होते हैं। इसके बाद परिवहन विभाग से बकायदा 'अनापत्ति प्रमाण पत्र' लेना अनिवार्य होता है। लेकिन डिंडोरी जिले में इस कानूनी प्रक्रिया को पूरी तरह से नजरअंदाज कर बसों को सीधे कटर से काटा जा रहा है।
इस मामले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में चल रहे सभी कबाड़ केंद्रों की तुरंत जांच की जाए। वहां खड़े वाहनों के कागजात, उनके टैक्स का रिकॉर्ड और NOC की बारीकी से जांच हो। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में गड़बड़ी पाई जाती है, तो अवैध कबाड़ कारोबारियों के साथ-साथ उन बस मालिकों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जिन्होंने टैक्स चोरी के मकसद से अपनी बसें यहाँ बेची हैं।
हालाँकि, इस पूरे मामले पर अभी तक परिवहन विभाग के किसी अधिकारी का कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है।
इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए डिंडोरी के पुलिस अधीक्षक आशीष खरे ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा: "अगर नियमों के खिलाफ जाकर इस तरह बसों को कबाड़ में काटा जा रहा है, तो यह पूरी तरह से गलत है। हम इस मामले की पूरी जानकारी जुटा रहे हैं। जल्द ही कबाड़ केंद्रों पर छापेमारी कर वाहनों के सभी दस्तावेजों और टैक्स के रिकॉर्ड की जांच कराई जाएगी। जो भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।"









